ढील देके चना के झाड़ प चढ़ावल – बतंगड़ 73

– ओ. पी. सिंह

एह घरी देश के सगरी खुरचाली एकजुट होखे लागल बाड़ें काहें कि ओहनी के मालूम हो गइल बा कि अगर एकवटब सँ ना त बिला जाए के पड़ी. भारत तेरे टुकड़े होंगे – इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह कहे वालन का साथ देश के बड़हन गोल रहि चुकल कांग्रेस खुलेआम मैदान में उतरि आइल बिया. ओकरा एह बात के इचिको चिन्ता नइखे के ओकरा खुरचालि से देश के कतना नुकसान होखत बा आ कतना नुकसान होखे जा रहल बा. खोज खोज के बवाल करावल जा रहल बा आ एह खुरचालि में टुकड़खोर मीडियो आपन जी जान लगा दिहले बिया.
अगर कवनो मुसलमान मराव त तुरते ओकर मजहब आ मारे वालन के मजहब के नाम लेत मथैला छपाए लागी, चैनलन प कुकुरहट शुरु हो जाई. बाकिर अगर कवनो हिन्दू मारल जाव त ओह खबर के दबावे के होड़ लाग जाई. ओह खबर में हिन्दु मुसलमान के चरचा ना होखी आ ओह तरह के खून के समाज के बिगड़ल हालात प थोपाए लागी. दोष मराए वाला के हो जाई कि ऊ अपना दुश्मनन से बाझल काहें. केजरीवाल, राहुल जइसन नेतवन का लगे फुरसत ना रही कि दिल्लिए के रहे वाला अंकित सक्सेना का घरे जा सकसु. जब जनता में सवाल उठे लागी तब चार दिन बाद ओकरा ला पाँच लाख के सहायता के एलान कर अइहें आ एह बाति के प्रचार प दू करोड़ के विज्ञापन दिया जाई. गोकशी के अपराधी ला एक करोड़ देबे में तनिको देर ना लागल रहे, जबकि ऊ ना त ओकरा राज्य के रहल ना घटने ओकरा राज में भइल रहुवे. बाकिर मुसलमान रहल से तिजोरी लुटावे में हिचक ना भइल.
एह देश में हिन्दुवन के कत्ल कइल सबले आसान हो गइल बा. ना त कवनो राजनीतिक गिरोह एह पर सवाल उठाई ना कवनो लिब्रान्डु पत्रकार. एहनी ला सूपनखिया के हँसी बड़हन मुद्दा हो जाई. संसद में होखत एह खुरचालियन के बेहूदगी प केहू सवाल ना उठाई. जज लोया के मौत के कारण जाने बदे बेचैन लोग कबो ई ना जानल चहलें कि संजय गाँधी, इन्दिरा गाँधी, आ राजीव गाँधी के खून का पाछा कवना गिरोह के हाथ रहुवे एकरो पता लगावल जाय. काहें कि उनुको मालूम बा कि एह तीनो हत्यन त का पाछे केकर हाथ बा.
उनुका एह बाति के फिकिर अधिका रही कि रफाइल डील के डिटेल सरकार से पूछल जाव बाकिर ई ना मनीहें कि उनुके गोल का सरकार का दोरान ई बाति जोड़ाइल रहल कि डील के बारें में ना बतावल जा सकी. चोरन के सभे चोरे लउकेला आ अपना घोटाला करे वाला संस्कार का चलते लागेला कि मोदिओ पइसा खइले होखींहें काहे कि हमार बाप दादा शुरुवे से घूस खात आइल बाड़ें.अतना बड़हन सौदा बिना कवनो किकबैक के कइसे हो सकेला. भा इहो हो सकेला कि दुश्मन देशन से पइसा खा के ओकरा का बतावे ला एह जानकारी के जरुरत होखे.
देश के प्रधानमंत्री के अपमान करावे ला अपना पीडियन के लेमनचूस बाँट के संसद में बवाल करवावे में कवनो हिचक ना होखी इनका. अलग बाति बा कि कुकुरहट का बीचो देशभक्त शेर आपन दहाड़ सभका के सुना दी. ओकर आवाज सियारन का हुआँ हुआँ में दबा ना सकल. ओह दिन सभे देखल एह शेर के बॉडी लैंग्वेज आ ओकरा के देखि के संतोष भइल कि देश अबहीं सुरक्षित बा. बाकिर एह देश के बड़का समाज प इहो जिम्मेदारी बा कि समय रहते एकवटि जाय ना त पूरा दुनिया में आपन कहाए वाला कवनो देश ना रहि जाई हिन्दुवन ला. कश्मीर, केरल, कर्नाटक से लगवले बंगाल ले हिन्दुवन के होखत कत्ल आ ओह पर सभकर चुप्पी कान फोड़े लागल बा. आ पता ना काहें हमरा इहो लागेला कि भाजपा एह खुरचालि के अनदेखी क के अधिका से अधिका हिन्दुवन के ई सचाई देखावल चाहत बिया. ढील देके चना के झाड़ प चढ़ावल एगो रणनीतिओ हो सकेला.

Advertisements