– ओ. पी. सिंह

राष्ट्रवादी भा भक्त भइल खराब बाति ना होखे बाकिर गुजरात चर्च के माथ अधिकारी, जिनका के आर्कबिशप के पदनाम से जानल जाला, एकरा के पाप का तरह मानेलें. पिछला दिने बाकायदा चिट्ठी लिख के ऊ सगरी ईसाईयन के आदेश दिहले बाड़न कि गुजरात चुनाव में राष्ट्रवादियन का खिलाफ भोट डाले लोग. उनुका एह बाति के फिकिर ध लिहले बा कि गँवे-गँवे पूरा देश राष्ट्रवादियन के प्रभाव में जाए लागल बा आ अगर गुजरात में ई लोग फेरु जीत गइल त राष्ट्रद्रोहियन के जीयल मुश्किल हो जाई. अब कवनो धर्माधिकारी एह तरह के बाति करे त ओकर संज्ञान लीहल जरुरी हो जाला. अब जब आर्कबिशप चाहत बाड़न कि राष्ट्रद्रोही ताकतन के जीत होखो त ऊ सगरी ईसाई समाज के कटघरा मे खड़ा कर देत बाड़न. उनुका चिट्ठी प सफाई देत उनुकर बोलतुआ के कहनाम रहल कि एह तरह के चिट्ठी कवनो पहिला बेर नइखे जारी भइल आ हर चुनाव के बेरा अइसन होत रहेला. त मान लेबे के चाहीं कि या त ईसाई समाज एह लोग के बाति ना माने भा मानेला आ राष्ट्रद्रोही ताकतन खातिर भोट करत रहेला. बाकिर हम एह बाति के माने ला तइयार नइखी. ईसाई समाज देश के दुश्मन ना ह आ ऊ एह दिसाईं अपना धर्माधिकारियनो के बाति प कान ना देव. अगर देत रहीत त गोवा आ उत्तर पुरुब के राज्यन में राष्ट्रवादी भाजपा के सरकार ना बनती सँ. बाकिर गुजरात के आर्कबिशप के बाति सुनीं त माने के पड़ी कि कांग्रेसी गोल उनुका नजर में राष्ट्रवादी ना ह.

ई त सभे मानी कि आर्कबिशप अइसन कुछ ना कहि सकसु जवन इटली के वेटिकन का राय से फरका होखो. त ई माने में कवनो उरेज ना होखे के चाहीं कि वेटिकनो मानेले कि कांग्रेस राष्ट्रवादी ना ह. ओह लोग के अपना इटली के बेटी का बारे में निकहा जानकारी होखबे करी. इटली के बेटी आ अब भारत के पतोहुओ एह हिसाब से राष्ट्रवादी ना हई काहे कि रहती त चर्च उनुका समर्थन में आगे ना आइल रहीत. अब एह राष्ट्रविरोधी गोल के मुखिया के जगहा महतारी का बदले उनुका बबुआ कै दीहल जाए वाला बा. आ एह गोल के राष्ट्रविरोधी भा देशद्रोही हम नइखीं कहत, हम त आर्कबिशप के कहना गोस्पेल टुरूथ मान के चलत बानी. हमरा जइसन आदमी के कवन औकात जे हतना बड़हन धर्माधिकारी के बाति काट सकीं. एहसे कांग्रेसी गोल के कवनो मनई के हमरा बाति से विरोध होखो त ऊ पहिले आर्कबिशप से पुछो कि ऊ अइसन काहे कहलन कि राष्ट्रवादियन के भोट ना देके ओकरा विरोधियन के भोट देबे के बा. गुजरात में राष्ट्रवादी भाजपा के विरोध कांग्रेसे करत बिया आ आर्कबिशप के कहना मानीं त कांग्रेस राष्ट्रवादी होइए ना सके.

एगो अउरी बाति हमरा के जब तब परेशान करत रहेला कि भाजपा विरोधी सेकूलर लिबरल गिरोह के लोग मोदी समर्थकन के भक्त कहि के काहे बोलावेलें. जबकि भाजपा विरोधियन के लोग दलाल, चमचा आ ना जाने अउर का का कहेला. अउर त अउर अबहीं कुछ दिन पहिलहीं चुनावो आयोग हमहन के बबुआ के पप्पू मान लिहलसि. कोढ़ में खाज ई हो गइल कि अब आर्कबिशप भाजपा विरोधियन के एन्टी नेशनल मान लिहलन. अब देश के सबला बड़हन एन्टी नेशनल गिरोह के सरदारी बबुअवा के मिले जा रहल बा. कुछ लोग कहत बा कि गुजरात आ हिमाचल में जब हार तय बा त ओकर दोष बबुअवा के कपारे डाले के इन्तजाम काहें कइल जा रहल बा. ओह लोग के लोस देत हम अतने कहल चाहब कि नयका जनरल के हार मिलल दोसर बाति होखी. हारल आदमी के जनरल बनावल बहुते खराब लागी. एहसे नीमन बा कि बबुआ के ताजपोशी एह रिजल्ट का पहिलहीं हो जाव.
(अतवार 26 नवम्बर 2017 का दिने कोलकाता से छपे वाला अखबार समाज्ञा में अँजोर भइल.)

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