– ओ. पी. सिंह

नानी किहाँ से आवते नतिया एगो ज्ञान के बात बघार दिहलसि कि अपना देश के पीएम कायर बाड़ें. अब ऊ एह बात के जवना संदर्भ में कहले होखे सोशल मीडिया जरुर मान लिहलसि कि नतिया क्वालिटी के स्मैक पीएला. पता ना स्मैक भा कोकेन वाली बात साँच ह कि झूठ. काहे कि सोशल मीडिया प बहुते कुछ असहीं उपरात रहेला. ओही में से एगो इहो हवे कि एक बेर बबुअवा ढेरे कोकैन, करिया धन आ एगो कलमुँही माल साथे विदेशी हवाई अड्डा प धरा गइल रहुवे बाकि अटल बिहारी बाजपेयी के सदाशय दखल का बाद ओकरा के छोड़ दीहल गइल रहुवे.

अब देश के पीएम कायर हउवें कि ना से त सगरी दुनिया देखऽता बाकिर देश में एगो बड़हन कौम कायरन के जरुर बा. पता ना कइसन संजोग रहल कि जब पीएम मोदी इजरायल के दौरा प रहलन ओही घरी हिन्दुस्तान के जिहादी बनल जात राज्य में शरिया कानून लागू करे के माँग करत दोसरा समुदाय प कहर बरपा दीहल गइल. पहाड़ी इलाका में बवाल उठते सेना बोलवा लेबे वाली सीएम के ममता हाट बाजार के बवालियन प अतना बेसी लउकल कि एह बतंगड़ करत घरी ले ऊ केन्द्रीय सुरक्षा बल के ओह इलाका में जाए नइखी देत. बहुसंख्यकन प अल्पसंख्यकन के हमला होत रहल आ देश के भँड़ुआ रंडी मीडिया मुँह प जाबी लगवले हालात के सचाई झुठलावे के बहाना खोजत रहल. एकाध गो चैनल छोड़ अधिकतर सेकूलर मीडिया त एह अनेत के मौजूदगीओ सकारे के तइयार ना लउकल. ना त कहीं अवार्ड वापसी गिरोह में से कवनो सामने आइल ना नॉट इन माई नेम वालन में से.

असल में हिन्दुवन के खिलाफ होखेवाला हिंसा के ई लोग हिंसे ना माने. एकरा ठीक उलट अगर हिंसा का निशाना प बीफ खाए वाला रहतें तब देखतीं कि कतना जोर शोर से हल्ला होखीत. एहसे अब समय आ गइल बा कि देश के बड़का जमात अपना बारे में सोचे. ना त कश्मीर से हिन्दूवन के भगा दीहल गइल आ आजुओ ऊ लोग अपने देश में रिफ्यूजी बनल बँड़रात बा. छप्पन इंची छातियो वाला लोग ओह लोग के वापस नइखे करा पावत. अइसहीं एक दिन केरल आ बंगालो खाली करे के पड़ सकेला. हिन्दूवन प ममता करे वाला नइखे लउके वाला एह देश में. देखीं आ सीखीं इजरायल से कि दुश्मनन का बीच मे के तरह से रहल जाला. ईंट के जबाब पत्थर से दीहल ना सीखब त पाकिस्लान आ बंगला देश में फँसल हिन्दूवन के कवन हाल भइल ओकरे से कुछ सीखीं. दुनिया में ईसाई आ इस्लामी देशन के कमी नइखे बाकिर खोजलो कवनो हिन्दू देश नइखे भेंटाए वाला. एगो रहबो कइल नेपाल त ओकरो के सेकूलर बना दिहलें सँ बँवारा गिरोह वाला.

80 लाख यहूदीयन के देश अपना सुरक्षा ला दोसरा केहू के मुँह ना जोहे. ऊ आपन मसला अपने निपटा लेबेला. बाकिर 80 करोड़ हिन्दू इहे सोच के अलसाइल रहेलें कि दोसरा प बीतत बा त हम काहे हलकान होखीं. मत होखीं. अगर हालात समय रहते ना बदलल त एक दिन रउरो सभे अयूब पंडित का तरह हो जाएब आ ओकरा बादो जान नइखे बाँचे वाला. शांतिदूतन के गिरोह राउर कपड़ा फाड़ के देखी कि रउरा ए0 पंडित का लेबल का नीचे का लउकत बा. आ सरकार ओह घटना के सबूत मेटावे में देरी ना करी भलही ओह सरकार में भाजपो काहे ना शामिल होखे.

असल में भाजपो में हिन्दूवन वाली कायरता कूट कूट के भरल मिल जाई. राजनाथ होखसु भा फणनवीस, इफ्तार खात घरी चिन्हाई लोग ना कि टीका वाला ह कि टोपी वाला. दोसरा तरफ देख लीं, खुद टीका चन्दन कइल त फरदवला के बात होखी, रामलीला के कलाकारन के टीका चन्दन लगावहूं से मना क दी टोपी वाला. ई एकतरफा प्यार कहिया ले जीआवल जाई. अब बबुअवा जवना कारण से पीएम के कायर कहले होखे बाकिर हम त कहब कि गोरक्षकन प शेखी बघारे वाला पीएम बतावसु कि ऊ एह देश के हिन्दूवन के सुरक्षा दे पईहें कि ना. दोसर केहू त दक्षिणेश्वरो के कवनो नमाजी का भरोसे छोड़ दी आ शिव के गण गनगनइबो ना करींहें.

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