– ओ. पी. सिंह


भारत में मोदी आ अमेरिका में ट्रम्प. दूनू जने के राशि एके होखे के चाहीं. काहें कि दूनू के जीत के कहानी करीब-करीब एके जइसन बा. जब मोदी अपना गोल के नेता बने के इरादा जतवलन त पहिले से जमल नेता पूरा कोशिश क देखवलें कि कवनो ना कवनो तरह इनका के रोक दीहल जाव. हिन्दुस्तान के इतिहास में आजु ले कवनो नेता नइखे भइल जेकरा खिलाफ मीडिया बारह बरीस सेओतना लट्ठ ले के पड़ल होखे जतना मोदी का खिलाफ पड़ल रहल आ मीडिया के एगो बड़हन हिस्सा आजु ले पड़ल बा. सभे कहे कि मोदी कवनो सूरत से देश के पीएम ना बन सकसु काहे कि गुजरात दंगा का चलते मुसलमान उनुका के वोट ना दीहें आ ओह वोट बिना सरकार बनिये ना सके. अमेरिको में केहू माने ला तइयार ना रहुवे कि उनुका के रिपब्लिक प्राइमरी में चुन लिहल जाई, असल चुनाव के त बतिये भुला जाईं. ट्रम्पो अमेरिका में इस्लामी आतंक का खिलाफ खड़ा रहलन आ ओहिजो के लिबरल आ मीडिया उनुका खिलाफ जम के जहर उगिलत रहल.

अब एह हालात में एह लोग से उमीदे ना कइल जा सके कि ई लोग मीडिया से बढ़िया व्यवहार करी. भारत क मीडिया अतना बेसहारा कबो ना रहल जतना आजु काल्ह बा. सरकारी खरचा पर मौज-मस्ती त बन्दे हो गइल बा उपरी कमाई के सूखा पड़ गइल बा. गनीमत अतने बा कि मोदी मीडिया प ओतना हमलावर ना भइलन जतना ट्रम्प हो गइल बाड़न. अतना साफगोई से पत्रकारन के धरती के सबले बेईमान प्राणी बता दिहलन आ मीडिया कसमसा के रहि गइल. कहल जाला कि काबुलो में गदहा भेंटाले आ कवनो समूह अइसन नइखे जवना में बेईमान ना होखसु. फरक इहे बा कि मीडिया आ न्यायपालिका से ईमानदारी के उमीद राखल जाला दोसरा से ओतना ना. बाकि भारत में घोटालाबाज आ भठियारा नेतवन का चलते माहौल अइसन बिगड़ल कि समूचा समाज में बेईमानी आ भठियरपन के पसार हो गइल.

मीडिया के कुछ लोग देखते देखत करोड़पति अरबपति होखे लागल. आ ओह लोग के देखा देखी गाँव शहर कस्बो में कुछ पत्रकार एकरा के धंधा बना लिहलन. ब्लैकमेलिंग आ दलाली ओह लोग के पेशा बन गइल बा. आ एही कुछ लोगन का चलते पत्रकारन के छवि अइसन खराब बन गइल बा कि हर आरोप प लोग विश्वास क लेत बा. हद त ई हो गइल बा कि चलनी सूप के दुसे लागल बिया आ ओकरा आपन हजार दोस नइखे लउकत. हमना किहाँ त नेतवन से अधिका भठियरपन कतहीं ना भेंटाई. अलग बाति बा कि करीब तीन साल से सरकार चलावत मोदी सरकार पर भठियरपन के कवनो अइसन आरोप नइखे लागल जवना प जनता विश्वास क सको. कहे के त नोटबन्दी के सबले बड़ घोटाला कह दिहलें कुछ विपक्षी नेता बाकि ओह लोग के आपने चेहरा समाज का सोझा अतना करिया बा कि ओह लोग के बात बेअसर हो जात बा.

बाकि इहो साँच बा कि मोदी सरकार के बनवावे वाली जनता के शिकायत जरुर बा कि ई सरकार अपना वोट बैंक के परवाह नइखे करत आ दोसरा के वोट बैंक ला लार टपकावत बा. ऊ त भेंटाई ना आ आपनो पराया हो जइहें. मोदी सरकार के कुछ मंत्रियन प भितरघात में लागल रहला के बात जनता में खुलेआम होखत बा आ बहुते लोग परेशान बा कि आखिर का कारण बा कि मोदी अइसन मंत्रियन के निकाल नइखन पावत. ओने राष्ट्रपति बनते ट्रम्प अपना काम में लाग गइल बाड़न. सात गो मुसलमान देश से आवे वालन प रोक लगवला का साथ ही मेक्सिको से लागल सीमा प देवाल बनावे के आदेशो जारी क दिहले बाड़न. जबकि एहिजा जमानत प छूटल आ जमानत प चलत लोग आपन भौकाल बनावे में लागल बा. करोड़ों अरबो के चोरी करे वालन के नाम उजागर नइखे होखे दीहल जात. शायद सरकार चलावे के परेशानी मजबूर कइले बावे मोदी सरकार के कि एह लोग प कार्रवाई धीरे धीरे होखो ना त करहूं लायक काम ना होखे दीहें ई लोग. कुछ महाबेईमान पत्रकारन के ओह लोग के आपने मीडिया कंपनी किनारे लगावल शुरू क दिहले बाड़ी सँ काहे कि ओकनी के आपन बिजनेस चलावे के बा. बाकि जहाँ ऊ कम्पनिये बेईमान बाड़ी सँ तहवाँ कुछ होखत नइखे लउकत आ ईमानदारो पत्रकारन के आपन चेहरा लुकावे पड़त बा. कहल जाला कि पानी में रहि के घड़ियाल से दुश्मनी ना कइल जाव. इहे सोच के बाकी लोग एह बेईमानन के अलगा नइखे कर पावत.

Advertisements