परिवार के लड़ाई परिवार से – बतंगड़ – 94

अगिला लोकसभा चुनाव में अब सालो भर नइखे रहि गइल. अबकि के चुनाव देश के जीवन मरण के सवाल होखे जा रहल बा एहसे सभकर जिम्मेदारी बा कि आपन निजी फायदा-नुकसान से उपर उठिके देश के फायदा-नुकसान का बारे में सोचत आपन भोट देव. दुनु तरफ परिवारे बाड़ी सँ. भा कहीं त एक तरफ परिवारने के गिरोह बा आ दोसरा तरफ एगो समिलात वाला बड़हन परिवार. एक तरफ हेराल्ड घोटाला, टूजी घोटाला, थ्रीजी घोटाला, कोयला घोटाला, चारा घोटाला, टोंटी घोटाला, सारधा घोटाला वगेरह घोटालन से जुड़ल परिवारन के गिरोह बा त दोसरा तरफ संघ परिवार जे पूरा देश के लोगन के आपने परिवार मानेला आ सभका दुख में दुखी आ सुख में सुख महसूस करेला. एक तरफ तरह-तरह के जमानत पर चलत लोगन के झुण्ड बा त दोसरा तरफ अइसन करमकाठ लोग बा जेकरा खिलाफ पूरा जोर लगवला का बावजूद यूपीए सरकार कवनो आरोप अदालत में ना ठहरा सकल. जेकरा खिलाफ कुकुरबझाँव करे में माहिर चैनलन के एंकर बारह बरीस ले लगातार अभियान चला के ओकर छवि बिगाड़ें के कोशिश कइलन बाकिर बारो ना टेढ़ करि पवलें. जेकरा पर चार बार मुख्यमंत्री आ चार बरीस से पीएम रहला का बावजूद कवनो करिया दाग ना लगा पवलें देश के विरोधी गोल.

रउरा सोचत होखब कि ई बतगंड़ा त हमेशा से मोदी भक्त रहल बा आ ई संघ परिवार का खिलाफ ना त कुछ बोल सके ना लिख सके. त आजु हम संघ परिवारे के कुछ खिंचाई करे के मन बनवले बानी. कवनो परिवार अइसन ना होखे जवना के एकाध गो बेकत अनेरिया भा विघ्नकारी ना होखसु. संघो परिवार में अइसनका लोग मौजूद बा. बाकिर समिलात परिवार का चलते ओह लोग के कमजोरी आ अवगुण लुकाइल रहेला भा लुकावल आसान होखेला. संघ परिवार में कतना बेकतन के कतना झुण्ड बा ई कुछेके लोग बता सकेला. अधिकतर लोग के पते नइखे कि कवन संगठन संघ परिवार के ह आ कवन एह परिवार के बेकत बुझइला का बावजूद एकर असली बेकत ना ह. एही चलते इन्दिरा जइसन तानाशाह का आपातोकाल में दूरदर्शन पर संघ परिवार के कुछ संगठन के गतिविधि खुलेआम देखावल संभव हो जात रहुवे.

दोसरे संघ बाकायदा योजना बना के अपने लोग के अपने में लड़वावत रहेला. गजब त ई रहेला के ई बात लड़ेवालन के छोड़ अधिकतर लोग के मालूमे ना हो पावे. काहे कि अगर मालूम हो जाई त लड़वला से फायदा का होखी. पिछला दिने विदेश मंत्रालय के एगो फैसला से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के जम के किरकिरी भइल सोशल मीडिया पर. आ ऊ जे बाड़ी कि आपन गलती ना मानत हेहरई पर उतरि गइली आ उनुकर दोष देखावे-बतावे वालने के दोषी ठहरावे लगली. मौका देखि संघ विरोधी जमात के ममता जइसन नेता-नेतइनो लोग एह मामिला में कूद पड़ल आ सुषमा का तरफदारी करे लागल. कुछ दिन बाद जब नीतीन गडकरी, राजनाथ सिंह जइसन भाजपाईओ लोग सुषमा के तरफदारी करे उतरल त सोचनी कि ई मोदी विरोधी चौकड़ी आपन खेल खेलत बा. बाकिर माथा तब ठनकल जब संघ के प्रवक्ता रहि चुकल आ एह घरी संघ के कश्मीर प्लान के संचालन करत रामममाधव सुषमा के तरफदारी क दिहलन. एकरा बाद साफ हो गइल कि सुषमा संघ के प्लान का हिसाब से आपन किरदार करत बाड़ी आ हम चुपा गइनी आ सोचनी कि प्लान छोड़ खेल के आनन्द लीहल जाव.

काहे कि आखिर में बतिया पंचे के मानल जाई बाकिर खूंटवा रहिए पर गाड़ल जाई. भारत में जदि रहे के बा त वंदेमातरम कहहीं के होई.

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