– ओ. पी. सिंह


पिछलका हफ्ता बहुते कुछ देखे सुने के मिलल. ओही में से कुछ बातन के चरचा.

खादी विभाग के कलेण्डर प चरखा चलावत मोदी के देख उनुका विरोधियन के करेजा फाट गइल. चारो तरफ चरखी नाच गइल आ मोदी के विरोधियन के करेजा फाट गइल. ओह लोग के बुझाइल कि जइसे गाँधी अपना चरखा प कातल सूत के बनल खादी कपड़ा का बल प अंगरेजन के देश से भगा दिहलन वइसहीं मोदीओ लागल बाड़न अपना विरोधियन के भगावे में. किंगफिशर के कलेण्डरो से अधिका देखा गइल खादी के कलेण्डर. खादी विभाग के कलेण्डर पर अनेके बेर नकली गाँधियन के फोटो छप चुकल बा बाकि तब केहू ओकर नोटिस ना लिहल. बाकि मोदी के कैलेन्डर देखते छाती कूटे लगले उनुकर विरोधी. असहिष्णुता का नाम प आपन इज्जत लुटा देबे वाला लोग के सहाउर ना होखे कि केहू दोसर आपन बात कह सको. देश के आपन जागीर मान साठ बरीस ले लूटेवाला नेहरू-गाँधी परिवार आ ओकर लगुआ-भगुआ अपने के गाँधी मान लिहले बाड़ें. उनुका हर चीझु पर गाँधी के नाम चाहीं. अपना के अपने सरकार में भारतरत्न से नवजवा देबे वाला लोग से बरदाश्त नइखे होखत कि केहू दोसरो के नवाजे जोग माने के जुर्रत करे केहू. खादी विभाग के कलेण्डर प मोदी के फोटो से खादी के जतना प्रचार हो गइल ओतना कबो गाँधीओ के फोटो से ना भइल रहे.

ओने एगो कश्मिरी लइकी जायरा वसीम के बड़ाई कश्मीर के अलगाववादियन के पक्षधर लोग से बरदाश्त ना भइल. ओह लइकी के अतना परेशाल क दीहल गइल कि ओकरा माफी माँगे पड़ गइल. कश्मीरी अलगाववादियन के मंजूर नइखे कि कि कवनो जायरा वसीम कश्मीर के नवहियन खातिर नमूना बना के परोसल जाव. काहे कि एक बेर अइसन हो गइल त फेर ढेला मारे वाला नवहियन के बिटोरल सम्भव ना हो पाई.

बाप बेटा के नौटंकी में चाचा के घूरा प फेंकत साइकिल प सवार हो गइलन अखिलेश. बाकि अबहीं ले संशय बा कि एह नौटंकी के के शामिल रहल. पाँच बरीस के सगरी दोष चाचा का कपारे डाल भतीजा के इमेज के अतना शानदार डेंटिंग-पेंटिंग करा लेबे वाला रणनीतिकार सचहूं सराहे जोग बाड़न. अमेरिका से आइल एह रणनीतिकार के लोहा त प्रशांतो किशोर मान लिहले होखींहे. अब कांग्रेस आ सपा दूनू के युवराजन के जुगल जोड़ी यूपी में गठबन्हन क के सरकार बनावे के कोशिश करीहें. अखिलेशो के मालूम बा आ राहुलो के कि अलगा अलगा चुनाव लड़ला से भाजपा के जीत आसान हो जाई. बिहार के उदाहरण एह लोग का सोझा बा.

राहुल जब जब विदेश से लवटेलें तब तब उनुकर जोश कुछ दिन ले देखल बनेला. अलग बाति बा कि उनुकर बैटरी एहिजा चार्ज ना हो पावे आ गँवे-गँवे डिस्चार्ज हो जालें. पता ना पावर बैंक ले के काहे ना आवसु कि एहिजे बैटरी चार्ज हो जाइल करे. आ कि ले के आइल त रहलें बाकि कुर्ता के फाटल जेब से कहीं गिर गइल. बहुते सवाल बा, जवाब के इन्तजार बा.

फगुआ आवे में देरी बा, वसन्त पंचमीओ नइखे बीतल अबहीं. शायद एही से बुढ़उवन के घर से निकालल नइखे जात, उलुटे स्वागत कइल जा रहल बा. कांग्रेस के बुढ़उवन के जवानी वाला जोश भाजपो में देखे के मिल जाव शायद एही चलते भाजपा एनडी तिवारी के अपना खेमा में ले लिहलसि. अब कांग्रेस के दिग्गी राजा का मुकाबिल शीलाजीत बुढ़वा भाजपो का लगे हो गइल. बस उनुका के फेरू कवनो राजभवन में मत भेज देव अतने मनावल जाव.

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