बाति निकलब त बाति बहुते आगा ले जाई ! बतंगड़ – 79


– ओ. पी. सिंह
सबसे पहिले त रउरा सभे के रामनवमी के हार्दिक बधाई आ शुभकामना. बहुते सौभाग्य से अइसन मौका मिलल बा कि अतवार का दिने अपना बतंगड़ में अपना ईष्ट के जनमदिन भेंटाइल बा. समय समय के बाति ह. हिन्दू लोग तनिका सा एकवटल बा त देश के सगरी सेकुलर गोलो आजु अपना के हिन्दू प्रेमी साबित करे में जुटल बा. जेकरा कई पुश्त में हिन्दू नइखन उहो आजु अपना के जनेऊधारी हिन्दू बतलावे में लागल बा. इफ्तार के भोज खाए खिआवे वाला लोगो अब रामनवमी के जुलुस निकाले के बाति करत बा. अलग बाति बा कि संगही संगे कवनो अइसन मौको नइखे छोड़त ई लोग हिन्दुवन के तूड़े बाँटे के. सभका इहे चिन्ता लागल बा कि अगर हिन्दू अइसहीं एकवटत रहि गइलें त देश में ओह लोग के तारनहार ना भेंटाई. मोदी आ यौगी के लोग फुटलो आँखि नइखे देखल चाहत बाकिर मजबूर बा. साँप आ नेवला का तरह लड़ाई करे वाला लोगो अब एक दोसरा का साथे गठबन्हन कइले चलत बा.
एगो गठबन्हन यूपिओ में देखे के मिलल बा जवना में बुआ आ बबुआ आपन बरीसन के बैर भुला के एके साथे हो गइल बा. अलग बाति बा कि एकरा बावजूद राज्यसभा में बुआ के हार देखे के पड़ गइल. असल में हिन्दुत्ववादी भाजपा में अब जवन जुझारुपन देखे के मिले लागल बा तवना के बहुते कमी रहत रहुवे पहिले. हमेशा नैतिकता आ सिद्धान्त के बाति क के औह लोग से जीतल संभव ना हो सके जे आपन युद्ध जीते ला हर तरह के सही गलत हथियार बेझिझक इस्तेमाल करत होखे. एह किलर इंस्टिंक्ट के कमी हमेशा से हिन्दुवन में रहल बा. अब जब ई किलर इंस्टिंक्ट हिन्दुवन में आ गइल बा त सभे भउँचक बा. सामने वाला गलत सही क के जीतत आवत रहल त ऊ लोकतंत्र के खूबसूरती रहत रहल आ जब शठे शाठ्यम समाचरेत के पालन करत ओही तरह के चाल एने से चलाए लागल त ई लोकतंत्र के हत्या कहात बा. ऊ लोग चुनाव जीते ला हिन्दुवन में बाँट बँटवारा करवावे त बढ़िया, केहु अगर हिन्दुवन के एकजुट करे त ऊ गलत. एगो गोहत्यारा मरा जाव त आसमान मूड़ी प उठा लीहल जाई बाकिर अगर 39 गो लोग के महज एह चलते मार दीहल जाव कि ऊ मुसलमान ना रहलें त सभका मुँह पर दही जाम गइल बा. कवनो गोल, कवनो जमात सामने ना आइल एह बाति ला हत्यारन के नाम ले के निन्दा करे भा विरोध करे वाला.
बाकिर संतोष इहो बा कि एह लोग के अब आपन बेंवतो के थाह लाग गइल बा. एक हप्ता से आदमी सुनत बा कि लोकसभा में मोदी सरकार का खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस दिआइल बा. दोसरा तरफ उहे लोग अतना बवाल काटत बा संसद में कि प्रस्ताव पेश करे के पहिले के औपचारिकता नइखे हो पावत. दू गो अविश्वास प्रस्ताव पहिले से बा आ अब तिसरका अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस कांग्रेस दिहले बिया. देखल जाव कि अगिला हप्ता कइसन माहौल रहत बा संसद के. सरकार त हमेशा से तइयार बिया एह प्रस्ताव के चरचा करे खातिर. ओकरो मालूम बा आ देशो जानत बा कि बहस शुरु भइल त एह लोग के छटपटाइल देखले बनी. पिछला बेर के बहस यादे होखी जब भाजपा का तरफ से यौगी आदित्यनाथ के उतारल गइल रहे आ उनुका भाषण का बाद विपक्ष आ मीडिया के शिकायत रहे कि उनुका के काहे मैदान में भेजल गइल. एह लोग के मनसा रहे कि भाजपा का तरफ से एकर मजगर काट देखे के ना मिली. बाकिर अब जमाना बदल गइल बा. बाति निकलब त बाति बहुते आगा ले जाई. सोच समुझ के अझूरइह.

Advertisements