– ओ. पी. सिंह

पिछला लेकसभा में चुनाव हरला का बाद कांग्रेस के हालात अइसन बनि गइल बा कि ऊ चुनाव जीते के फार्मूला नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे खोजत चलत बिया. ओकरा लागत बा कि सगरी राज मोदी के स्टाइल में लुकाइल बा आ ओकर नकल करि के मोदी के मात दीहल जा सकेला. अब ओकरा के ई के समुझावे कि नकलो खातिर अकल के जरूरत पड़ेला. ओकर युवराज अब अधबूढ़ हो चलल बाड़ें आ मोदी के मुकाबिला करे ला उहो सोचत बाड़न कि बाँड़े रहे के चाहीं. मोदी के देखा देखी उहो एगो हीरोइन खोज ले आइल बाड़न आ उनुके जिम्मा बा का राहुल के सोशल मीडिया पर मशहूर करा देसु. आ ऊ पूरा दमखम से लागल बाड़ी.
विज्ञापन के विद्वानो मानेलें कि जवना सामान भा कंपनी में गुन ना होखी ओकरा के ढेर दिन ले चलावल ना जा सके बाकिर रम्या जी अपना काम में अइसन रम गइल बाड़ी कि ऊ एकरो के झूठ साबित क देबे में लागल बाड़ी. मोदी जी विदेशे विदेश घूमत रहेलें आ उनुका एह घूमक्कड़ी से प्रचारो भरपूर मिलेला. से राहुलो बाबा जबे तबे विदेश घूमे निकल जालें. खास क के तब जब उनुकर गोल उनुका के अपना देश में देखल चाहेला. जब जब कवनो मुद्दा गरमाला आ कांग्रेसी सोचेलें कि बस अबकी बेर राहुल बाबा आपन धाक जमा लीहें आ ञीक ओही बेरा बबुआ के नानी याद आ जाली आ ऊ चल देबेलें नानी कीहाँ. अधिकतर बेरा उनुका दौरा के कवनो खबर ना मिले कि कहाँ गइलन, कवना काम से गइलन, का का कइलन. बाकिर अबकी पिछला दौरा में जब ऊ अमेरिका गइल रहलें त लोग जानल कि ऊ कम्प्यूटर का दुनिया में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स का बारे में आपन ज्ञान बढ़ावे गइल बाड़न. बहुते चाव से ऊ एह काम मे लागल कम्पनियन के दौरा कइलन. उनुका गोल के लोग सोचल कि जइसे राजीव गाँधी देश में कम्प्यूटर क्रान्ति ले अइलन वइसहीं राहुलो बाबा कवनो रोबोट क्रान्ति करा दीहें हिन्दुस्तान में. भुला गइल लोग कि राहुल बाबा खुदे रोबोट हो गइल बाडें आ जतना चाभी भराला ओतने चल देखावेलें. शुरुआत त अमेरिके से क दीहलन जब ऊ गाँधी, नेहरू, अम्बेदकर सभके प्रवासी भारतीय बला दीहले. उनुका कहला के मतलब इहे निकलल कि हिन्दुस्तान के लोग अपना बले कुछ ना कर सके जबले कवनो विदेशी मनई ना आ जाव ओह लोग के राह देखावे. अपना बाबूजी के देखबे कइलन कि एगो विदेशी बाला बिआह ले अइलें देश समुझे ला आ ऊ विदेशी बाला सचहूं आपन बेंवत देखा दिहलसि. सगरी कांग्रेस प अइसन काबिज भइल कि आजु ले कांग्रेसी कवनो दोसर नेता के सपनो ना देख सकसु. मोदी के चाय के दोकान खोले के सलाह देबे वाला मणिशंकर अय्यरो ले खुलेआम मान लिहलन कि कांग्रेस के नेता या त महतारी हो सकेली ना त उनुकर बेटा. से कांग्रेस में संगठन चुनाव करवला के कवनो जरूरते नइखे. आ देर सबेर राहुल कांग्रेस अध्यक्ष के पद प बइठिये जइहें. केहू हइए नइखे जो उनुका के चुनौती दे सके.
खैर एने रम्या के काम आपन लाभ देखावल शुरु क दिहलसि आ सोशल मीडिया प राहुल बाबा के लोकप्रियता अइसन तेजी से बढ़ल कि उऩुकर भोंपू बजावेला अइसन हवा बनावे लगलन कि लागल बस अब मोदी के दिन खतम भइल आ राहुल बाबा के दिन आ गइल. बाकिर सोशल मीडिया केहू के ढेर दिन ले चैन से जिए ना देव. अब सभके मालूम हो गइल बा कि राहुल बाबा के लोकप्रियता देशो से अधिका विदेशन में बढ़ल बा आ ऊ रुस. इण्डोनेशिया, कजाखास्तिन जइसन देशन में अधिका लोकप्रिय बाड़न आ उनुकर फॉलोवर आदमी ना होके आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स से उपजल बाड़ें.
आजु तबसे हम राहुल के बाबा कहले जात बानी आ एको बेर बबुआ ना कहनी त एकरो पाछा एगो कारण बा. अब ऊ बबुआ वाला उमिर पार क गइल बाड़न आ बाबा हो चलल बाड़न. वइसे तुटियन मीडिया के लोग लइकनो के बाबा कहेला से अलग बाति बा.
(अतवार 22 अक्टूबर का दिने कोलकाता से छपे वाला अखबार समाज्ञा में अँजोर भइल.)

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