– ओ. पी. सिंह


भारत के देशद्रोहियन के गढ़ बन चुकल जेएनयू से शुरु भइल नारा – भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्ला, इंशा अल्ला – के आवाज बँवारा गिरोहन के गढ़ बनल दोसरो विश्वविद्यालयन से गुजरत गुजरात आ महाराष्ट्र में जोरदार तरीका से सुनाए लागल बा त एकरा पाछे बाड़ें पीरजादा जइसन अपना पाकिस्तानी पीरन के सलाह प चलत कांग्रेसी बबुआ. अधबूढ़ हो चललें बाकिर आपन बबुआ बुद्धि छोड़े ला तइयार नइखन ई बबुआ.

पाकिस्तान से मोदी के हरावे के तरीका जाने गइल मणिशंकर अय्यर के बात सुनि के ओहिजा के एगो रणनीतिकार पीरजादा के सलाह मिलल कि मोदी के हरावे के बा त हिन्दुस्तान के हिन्दुवन के फेरु से जाति का आधार पर लड़ावे भिड़ावे के पड़ी. हिन्दुवन के एका तूड़ला बिना मोदी के हरावल ना जा सके. एही सलाह पर चलत पारसी बाप आ ईसाई महतारी से जनमल ई जनेऊधारी बाभन बबुआ गुजरात में तीन गो तिलंगन के साथे चुनावी मैदान में उतरलें. देखे वाला देखलें कि एह तिलंगन में पाटीदारन ला आरक्षण माँगत हार्दिक पटेल का साथही एह माँग के विरोध करे वाला अल्पेश ठाकुर आ अपना के दलित कहला का साथही बाबा साहेब अंबेदकर आ मायावती के खिलाफ बोले वाला जिग्नेश मेवाणी शामिल रहलें. मकसद ना त आरक्षण देबे के रहुवे ना ओकरा विरोध के. मकसद बस इहे रहुवे कि हिन्दुवन के अपने में लड़ा-भिड़ा के आपन गोटी सोझ क लीहल जाव.

भला हो नोटा बटन के कि ओकरा चलते भाजपा के नाहियो त बीसएक सीट प हार हो गइल. अइसन बहुते लोग रहल जे मोदी विरोध से प्रभावित त भइल बाकिर अतनो ना कि भाजपा का खिलाफ भोट दे देव. से ऊ लोग नोटा चुनल आ नोटा के एह फरक से भाजपा के सीट पहिले से कम हो गइल. एह जीत से उछाह में आइल कमअकल बबुआ के लागल कि अब ऊ तीर मिल गइल बा जवना से मोदी के निशाना बनावल जा सकेला. बबुआ के बुझात नइखे जे – भारत के बरबादी तकले जंग रहेगी जंग रहेगी – कहेवालन के फेर में आ ओहनी के साथी बन के ऊ अपना बरबादी तकले के जंग छेड़ दिहले बाड़न.

क्रिकेट मैचन में अइसन सुने के मिलत रहेला कि विरोधी टीम के हरावे ला अपना टीम का हिसाब से पिच तइयार कइल गइल. आ इहो सुने के मिलेला कि कई बेर एह तरह के मकसद से बनावल पिच विरोधी टीमे के फायदा करा देले. बबुआ जवन पिच बनावत बाड़न तवना के पुरान खिलाड़ी हउवन मोदी. उनुका फिरकी के बूझल समुझल बबुआ का बुद्धि का बहरा बा. बरीस 2002 से बारह बरीस ले जवन मनई मीडिया के कुकुरबझाँव आ कांग्रेसी सरकारन के सगरी तिकड़म के झेलत ओही हमला के आपन हय़ियार बना लिहलसि ओकरा के देश तूड़े वाला गिरोह का सहारे हरावल त दूर के बाति बा, एह बारे में सोचलो बुड़बकाईए कहलाई.

अचरज के बाति बा कि मीडिया में अइसन लोगन के कमी नइखे जे आन्हर कुकुर बतासे भूंके का मानसिकता से पीड़ित बा. बरीसन कांग्रेसी टुकड़ा प पलाइल-पोसाइल एह मीडिया दलालन के आपन आजीविका फेरु से जियावे ला इहे राह लउकत बा. बाकिर देश के बड़हन जमात एह चाल के समुझ गइल बा. आ एकर अन्त होखी बबुआ के राजनीतिक बरबादी में. हिन्दुवन के अपने में लड़ावे भिड़ावे में लागल एह जमात के लउकत नइखे कि ओकरा खुद का गोड़ का नीचे से जमीन सरकल जात बा. मुस्लिम मेहरारुवन के फायदा चहुँपावे वाला कानून के मुल्लन का फेर में विरोध क के एगो बड़हन समूह के अपना से फरका करा दीहलन बबुआ. आ अंबेदकर आ मायावती के गरियावे वाला जिग्नेश उनुकर अवर्ण जमात के छिटकवले जात बा. दोसरा के आँखि के माँढ़ा देखे वाला के अपना आँखि के फूला नइखे लउकत. बबुआ त बस एही से गदगद बाड़न कि भारत तेरी बरबादी तक, जंग रहेगी, जंग रहेगी.

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