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– ओ. पी. सिंह

कहे वाला त कहेलें कि नाम में का धइल बा. चीनी के कवनो नाम दीं ओकर मिठास उहे रहे वाला बा. गुलाब के कवनो नाम दीं ओकर सुगन्ध नइखे बदले वाला, बाकिर अब जमाना बदल गइल बा. अब नाम उहे रह जात बा बाकिर ओकर गुण बदल दीहल जात बा. हमनी में से पुरनका लोग के याद होखी कि केला का बीच में कतना बीया रहत रहुवे. अब केरवा के उहे नाम बा बाकिर ओकरा बीच के बीया गायब हो गइल बा.

पश्चिम बंगाल क नाम कुछउ धर दीं रही बंगाले. पूर्वी पाकिस्तान भा पूर्वी बंगाल बनला का बावजूद दुनु ओर का लोग में आस रहुवे कि एक ना एक दिन एह जबरिया बँटवारा खतम क के दुनू बंगाल मिल के एक हो जाई. मजहब का नाम पर भइल बँटवारा के धता बतावत पूर्वी बंगाल के लोग आपन भाषा आ संस्कृति बचावे ला पाकिस्तान का खिलाफ बगावत क दीहलें आ आजाद भइल पूर्वी बंगाल बांग्ला देश बन गइल. अब पश्चिम बंगाल के नाम बदले के बात जोर धइले बा. एहिजा से नाम बदले के प्रस्ताव बना के केन्द्र का लगे भेजा गइल बा काहे कि नाम बदले के अधिकार ओकरे लगे बा. उमेद कइल जात बा कि केन्द्र सरकार एह प्रस्ताव के मान ली आ एकरा के बंगाल के नाम मिल जाई.

अब बतकुचनिया इतिहासकार एह पर छाती पीटत बाड़ें कि नाम बदल के विभाजन के इतिहास भुलावे के कोशिश हो रहल बा. अलग बाति बा कि बिभाजन के इतिहास भुलवले नइखे भुलाए वाला. लाखों हिन्दू परिवार विभाजन का चलते आपन सब कुछ छोड़ के रिफ्यूजी के जिनिगी जीए ला सरापित हो गइलें. एह तरफ त मुस्लिम आबादी बढ़त चल गइल बाकिर ओह तरफ के हिन्दू आबादी घटत घटत नामे भर के रहि गइल बा. आज पाकिस्तान आ बांग्लादेश में हिन्दू आबादी नामे भर के रहि गइल बा. गाँधी नेहरु के गलती के सजा भुगतल हिन्दू के नियती बन गइल बा. मजहब का नाम पर भइल बँटवारा के बावजूद इण्डिया अपना के सेकूलर बना लिहलसी आ हिन्दूवन के अपने देश में दोयम जिनिगी जीए ला मजबूर क दीहल गइल बा. अपने देश में ऊ कई जगहा पूजा ना कर सकसु, लाश ना जरा सकसु आ बड़हन वोट बैंक का सहारे आपन राजनीति चलावे वाला गोल एकर अनदेखीए ना करसु, बाकायदा आदेश दे के एकरा के कानूनी जामा पहिरा देलें. आ तरह तरह के टुकड़ा में बँटल हिन्दू अपने झगड़ा फरियावे में लागल बाड़ें.

कश्मीर के महज एगो छोट इलाका में बसल सुन्नी हिन्दुस्तान का खिलाफ आन्दोलन करेले बाकिर ओकरा के अतना बढ़ा दीहल जाला कि सुन के लागेला कि पूरा कश्मीर एहमें शामिल बा. देश के फौज, राज्य के पुलिस पर ढेला मारे वालन के समुझावे आ रोके के कोशिश करे का जगहा फौज आ पुलिसे के दोषी ठहरावल जात बा कि छर्रा काहे मारल जात बा. अब आँख में मरीचा झोंके वाला गोला दागे के फैसला भइल बा आ तय मान के चलीं कि जइसहीं एकर इस्तेमाल होखीं तइसहीं कुकुरहट शुरु हो जाई.

पश्चिम बंगाल के नाम बंगाल त हो जाई बाकिर का एहिजा के लोग खुशी खुशी दूर्गा पूजा मना पाई, ई एगो बड़हन सवाल बा. नाम बदले का जगहा राजनीति के तरीका बदलल जरुरी बा. जेहसे कि समाज के हर तबका बरोबरी क जिनिगी जी सको. ना त –
महुआ बीनत लछमीनिया के देखनी, हर जोतत महिपाल,
टिकठी चढ़ल अमर के देखनी, सबले नीमन ठठपाल !

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