सबहीं नचावत मोदी साईं : बतंगड़ – 98

लरिकाईं में एगो कहानी सुनले रहीं कि बहेलियन का जाल में फँसे वाला चिरईयन के दशा देख दुखी भइल एगो संत चिरईयन के रटा दिहलें कि – शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, लोभ से उसमें फँसना नहीं.
चिरई दिन दिन भर एह बात के माला जपल करऽ सँ आ दाना चुगत रहऽ सँ. महात्मा निश्चिन्त हो गइलन कि अब एह चिरईयन के कवनो शिकारी अपना जाल में फँसा ना पाई. बाकिर एक दिन जब सचहूं बहेलिया आ गइल आ आपन जाल बिछा के दाना छिरिक दिहलसि त सगरी चिरई ओह दाना चुगे का फेर में जाल में फँसत चलि गइली सँ आ ओहू घरी दोहरावत रहली सँ कि – शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, लोभ से उसमें फँसना नहीं.
देश के राजनीति के हालो वइसने हो गइल बा. एक से एक मीडिया गुरु, राजनीतिक रणनीतिकार देश के विरोधियन के रटा-रटा के थाक जात बाड़ें कि मोदी-शाह का जाल में फँसे के नइखे. बाकिर विरोधी गोल जे बा से कि सब कुछ जानतो-बूझत मोदी-शाह का जाल में अझूरइला से बाज नइखे आवत. आ मोदी-शाह के बेजोड़ टाइमिंग एह लोग के अउरी बेबस कइले जात बा. सभे जानत रहल कि राजग का लगे बहुमत के कमी नइखे बाकिर तबहियों पता ना केकरा सिखवला में पड़ि के ई विरोधी गोल लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव ले के चलि अइलें. कांग्रेस के बुझात रहे कि मोदी के कुनबा छितरा जाई आ ऊ मोदी का खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करा लेबे में सफल हो जइहें. एही अटकपचीसा में पड़ि के सोनियो कह दिहली कि – के कहऽता कि हमनी का लगे भोट नइखे. बाकिर जब अविश्वास प्रस्ताव पेश करे के मौका आइल त बाजी मार लिहलसि तेलुगू देशम. आ ओकर प्रस्ताव आंध्रा से एको डेग आगे ना बढ़ल. ओकरा कांग्रेसो से कम शिकायत ना रहुवे से ऊ कांग्रेस के चाल में ना अझूराइल आ अपने मुद्दा पर अड़ल रहि गइल.
मौका के फायदा उठावत मोदी आपन सगरी बाति आराम से पूरा देश में चहुँपा दिहलें. पूरा देश जानल कि मोदी सरकार का-का कइलसि आ का-का करे वाली बिया. विरोधि राय राखे वाला मीडियो के मजबूरी रहल कि पूरा बाति पूरा के पूरा देश के सुनावे-पढ़ावे के पड़ि गइल. आ आखिर में मोदी प्रस्ताव हरवा दिहलें. पूरा दुनिया देखल कि विरोधियन में एका नइखे. सभे आपन-आपन ढपली बजावत आपन-आपन राग छेड़े में लागल बा. कवनो गोल देश ला चिन्तित नइखे. सभके आपने फिकिर लागल बा कि अगर जे कहीं अगिलो बेर मोदी के सरकार बनि गइल त ओह लोग के आपन अस्तित्व बचावल मुश्किल होखे जा रहल बा.
सभे इहो जानत बा कि मोदी के गोल का चाहत बा. ऊ त इहे चाहत बाड़ें कि पूरा देश देखो कि एह विरोधियन के ना त देश के चिन्ता बा ना एहिजा के बड़का समूह के चिन्ता बा. सभे अपना मुस्लिम वोट बैंक के बचावे में लागल बा आ देर सबेर हिन्दुवनो के समुझ में आवे लागल बा कि अगर उहो मुसलमानन का तरह अपना में एका ना बढ़इहें त एहिजो ओह लोग के उहे हाल होखे वाला बा जवन पाकिस्तान भा बांग्ला देश में रहि गइल हिन्दुवन का साथे भइल. या त उनुका आपन मजहब बदले के पड़ल ना त आपन जान आ बेटी-बहिनन के इज्जति गँवावे के पड़ल. कश्मीर से लाखों हिन्दू निकाल भगावल गइलें तब केहू के ममता ना आइल. बाकिर जब आजु सभका सोझा आ गइल कि असम में चालीस लाख लोग अइसन बाड़ें जे आपन भारतीय होखे के सबूत नइखन दे पावत त ई लोग ओहनी के तरफदारी में लुग्गा उठा लीहल. एहमें से अधिका संख्या घुसपैठियन के बा जे कांग्रेसी संरक्षण में घुसत अइलें आ स्थानीय लोग के हटावत भगावत गइलें.
पश्चिम बंगाल में पहिलहीं से पैंतीस लाख बेघर लोग मौजूद बा आ माँ-माटी-मानुष के बाति करे वालन का मन में ओहनी ला कवनो ममता भा व्यवस्था नइखे. बाकिर असम के चालीस लाख घुसपैठियन के नेवता देबे में पीछे नइखे रहल ई लोग. बँवारा राज का दौरान जे चिचिया-चिचिया के एहनी के भगावे के बाति करत रहली से आजु ओहनी के आपन मेहमान बनावे ले बेचैन बाड़ी. अपना खाए के ठेकान नइखे बाकिर भण्डारा चलावे के बाति करत बाड़ी.
आ एहू में देश के विरोधी गोल मोदी साईं के बजावल धुन पर नाचल शुरु कर दिहले बा. मोदी-शाह इहे त चाहत रहलें कि वोट बैंक के डर देखा के आपन वोट बैंक मजबूत कर लेसु. आ उहे हो गइल. बीस फीसदी के काट तइयार करे के मोदी-शाह के चाल कामयाब हो गइल. एहिसे हम कहत बानी कि – सबहीं नचावत मोदी साईं.

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