हारब त हारब बाकिर तोहरा के जीते ना देब : बतंगड़ – 104

हिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल पसन्द ना करे. जे काटेला ऊ झटका में काटेला कि कटाएवाला के कम से कम कष्ट होखे. दुनिया के सगरी नीति नैतिकता पोसे पकावे वाला हिन्दू के इहो याद ना रहे कि जब-जब ऊ कमजोर पड़ल बा, जहाँ-जहाँ ऊ गिनिती में घटल बा ओहिजा से ओकर विदाई, ओकर खात्मा हो गइल बा. एही कश्मीर में लाउडस्पीकर से एलान क के पंडितन के भगावल गइल आ ओकरा बेटी-बहिन के ओहिजे रोक लीहल गइल. अपने देश में ऊ कायर जमात रिफ्यूजी के जिनिगी जिए ला मजबूर बा. अगर जे कहीं ओहमें से मुट्ठिओ भर लोग हथियार उठा लिहले रहीत कि जब मरहीं के बा त मार के मरब त शायद अइसन हालात पैदे ना होखित. आजु कश्मीर में रोंहिग्यन के बसे में कवनो दिक्कत नइखे बस हिन्दू ओहिजा ना बस सकसु. धारा 35ए उनुका के एह काम से रोक दी बाकिर दुनिया भर के आतंकी ओहिजा पनाह पा सकेलें, उनुका ला सब माफ बा. सोचीं ई कवन योजना रहल कि चुपे-चोरी जवाहर लाल का राज में एह कानून के राष्ट्रपति से बनवा लीहल गइल. ना त संसद में कवनो चर्चा भइल, ना ओकरा के एकर जानकारी होखे दीहल गइल. वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती, हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम.

कवनो हिन्दू धर्मगुरु पर रेप का आरोपो लाग जाव तो ओकरा के जेल में बन्द क दीहल जाई आ हमनी के न्यायप्रिय अदालत से ओकरा जमानत ना मिल पाई. कठुआ में बलात्कार के झूठो मुकदमा में आरोपी के जेल में बन्द क दीहल जाई बाकिर अपने नन से रेप करे के आरोपी बिशप प केहू अंगुरी उठावे वाला नइखे मिलत. कानून चुप बा, सेकूलर लिब्रान्डु चुप बाड़ें. बिन्दी गैंग आपन मेकअप में व्यस्त बा. उलुटे ओह नने के रंडी बतावल जात बा. कहीं से कवनो ईसाई मिशनरी, पोप भा संस्था ओह नन के तरफदारी करे वाला नइखे मिलत. सभे ओह आरोपी बिशप के बचावे में लागल बा.

आ एगो हमनी हिन्दुवन के जमात बा जे अपना धर्मगुरुवन पर लागल झूठो आरोप का खिलाफ खड़ा ना होखे. देश के अदातल नक्सली गिरोह वालन के बीस मिनट का भीतर सुन लेलें आ ओहनी के राहत दे देलें बाकिर देश के बाकी लोग के मसला सुने के ओकरा लगे समय नइखे. राम जनमभूमि के मसला बरीसन से लटकल बा आ ओह पर फैसला आवे के कवनो सूरत अबहीं नइखे लउकत. कांग्रेसी दिग्गज वकील एह मामिला के लटकवले राखे ला बेचैनी से लागल बाड़ें. ओहनी के चिन्ता एकही बा कि केहू तरह एह मसला के फैसला अगिला चुनाव से पहिले ना हो पावे. ओकरा ई भरोसा बा कि अगिला सरकार अगर ओकर बन गइल त मन्दिर के मुद्दा जाई तेलहंडा में. आ एह भरोसा के साँच करे में ऊ पूरा बेंवत से लागल बाड़ें.

आजुवे एह हिन्दूविरोधी गिरोह के एगो नेता माजिद मेनन के बयान सुने के मिलल जवना में ऊ शान से कहलें कि देश में अइसनका नाहियो त दू सौ सीट खोज के रखले बानी जा जहाँ मुसलमान वोट के ताकत अइसन बा कि ऊ अपने जीते भा ना जीत पावे, बाकिर ऊ दोसरा के सहजे हरवा सकेला. हिन्दू विरोधी एह साजिश के मूल एही में बा कि केहू जीतो हारो, भाजपा के नइखे जीते देबे के. ऊ आपन असल जानत बा. जानत बा कि जनता से ऊ अपना ला वोट ना माँग सके. एह चलते ऊ नोटा के प्रचार करे में लागल बा. ऊ कबो दलित के सवर्ण का खिलाफ त कबो सवर्ण के दलित का खिलाफ भड़कावे में लागल बा. सोशल मीडिया पर बाकायदा अभियान चला के नोटा के प्रचार कइल जा रहल बा. ओकरा मालूम बा कि ओकरा गिरोह के वोट देबे वाला जमात एह बहकावा में नइखे आवे वाला. बुड़बक बनीहें हिन्दू. आ हिन्दू के वोट जतने कटी छितराई ओतने फायदा होखी हिन्दू विरोधी गिरोह के.

अब रउरा सोचे के बा कि रउऱा कव गो सीट पर अतना बेंवत बना लेब कि हिन्दू विरोधियन के जीते ना देब. अगर अबकी एकजुट रह गइनी त अपना देश के बचा लेब. आ ना एकजुट भइनी त देश के पता ना का होखी बाकिर हिन्दू बिलाए लगिहें.

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