हिन्दुत्व एगो जहर ह : बतंगड़ – 102

पहिला बेर देश के कवनो गोल हिन्दुवन का खिलाफ खुला लड़ाई के एलान क दिहलसि आ ई गोल ना त मुस्लिम लीग ह, ना ओवैसी के मजलिस. ई गोल ह अपना के जनेऊधारी बरहमन होखे के दावा करे वाला के गोल कांग्रेस. लोकसभा में कांग्रेस के नेता खडगे के कहना बा कि हिन्दुत्व एगो जहर ह आ एकरा के चिखलो के जरुरत नइखे. देश आ दुनिया भर के हिन्दुवन के एक छत्र का नीचे ले आवे के कोशिश में लागल राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अपना एगो कार्यक्रम में देश के कई एक विरोधी गोलन के नेता लोग के नेवते के बाति कहले रहुवे आ खडगे ओही नेवता पर बोलत रहलें. अबहीं नेवता मिलबो ना कइल आ एने से खुलेआम एलान हो गइल कि हिन्दुत्व के जहर चिखला के जरुरत नइखे राहुल के आ ऊ पहिलहीं से ओकरा बारे में जानत बाड़ें.

राहुल के दुर्भाग कहीं भा सुभाग सबले पहिले उनुकर महतारिए उनुका के सलाह दिहले रहुवी कि सत्ता जहर ह आ एकरा से बच के रहीहऽ. तबे से राहुल अपना महतारी के बाति के गाँठ बान्ह लिहले बाड़न आ बाकी के कांग्रेसियन के सगरी चाल के कुचाल बनावल ऊ एही में लागल बाड़न कि कवनो तरह सत्ता के जहर पियला से बचला के जरुरत बा. अब खडगे हिन्दुत्वो के जहर बता दिहले बाड़न त सगरी कांग्रेसियन के मकसद इहे हो गइल बा कि देश से हिन्दुत्व के नामोनिशान मेटा देबे के बा. अब देश के हिन्दुवन के सोचे के बा कि अपना के जहर बतावे वाला लोगन से कइसन बेवहार कइत जाव. हमार त पहिलहीं से कहना ह, आ ई पुरान कहाउतो ह कि – जो तोको काँटा बुए ताहि बोव तू भाला. वह साला भी समझेगा कि पड़ा बाप से पाला.

खैर, बतंगड़ में राहुल के नाम आइए गइल त इहो बतावल जरुरी लागत बा कि उनुका से देश भर के कॉमेडियन परेशान बाड़ें काहें कि अतना शानदार कॉमेडी उहो लोग नइखे करि पावत जइसन कॉमेडी राहुल बहुते सहज भाव से करि जालें. कॉामेडियन लोग भलहीं राहुल से परेशान होखसु बतंगड़ा ला त ऊ बहुते काम के बाड़ें. करीब करीब हरे हप्ता उनुके सहारे बतंगड़ो के काम निकल जात बा. आजु जब हम ई बतंगड़ लिखे बइठल बानी राहुल बबुआ चीन गइल बाड़न. कह के त निकलल बाड़न कि कैलाश मानसरोवर के यात्रा करे जात बाड़न. बाकिर दावा से नइखे कहल जा सकत. हो सकेला कि उनुका चीन के नेता लोग से कुछ राय विचार करे के होखे. आखिर कुछ ना कुछ त खास जरुर बा जवना चलते चीन जात बेरा राहुल के औपचारिक विदाई करे ला चीन के राजदूत खुद मौजूद रहलन. कांग्रेसियन का तरफ से सफाई आ रहल बा कि ई त साधारण डिप्लोमेटिक शिष्टाचार हवे. अरे भाई ई कइसन शिष्टाचार ह जवन मुख्यमंत्रियन ला ना देखावल जाला. मतलब साफ बा कि राहुल के चीन यात्रा में कुछ ना कुछ खास जरुर बा.

कैलाश मानसरोवर यात्रा खातिर खास तौर पर रोक बा कि एह यात्रा में हिन्दुवे जा सकेला आ पता ना तब राहुल कवना आधार पर एह यात्रा पर गइल बाड़न. महतारी के ईसाई होखला में कवनो सन्देह ना होखे के चाहीं. दादी के निकाह भइल रहुवे. बाप के मजहब का बारे में दावा से कुछ ना कहल जा सके. हँ हिन्दू में ई सुविधा जरुर बा कि एह में धर्मान्तरण के कवनो विधि विधान नइखे. बस रउरा कहि दीं कि हम हिन्दू हईं आ रउरा हिन्दू मान लीहल जाएब. दिक्कत तब आवेला जब ओह आदमी के जाति तय करे के होला. एह सूरत में ओकरा कुल खानदान में पुरनियन के जाति से फैसला हो सकेला. बाकिर कहे वाला त इहाँ ले कहेलें कि मोतीलाल के नाम नेहरु एह से पड़ल कि उनुका के नहर का किनार से पावल गइल रहुवे. एहसे एह पचरा में पड़ला के जरुरत नइखे. राहुल के कवनो जाति होखे जब बाँड़े रहे के बा त बाद में कवनो दिक्कते नइखे आवे वाला.

बाकिर हिन्दू के जहर बतावे वालन का डंक से दूर रहला के जरुरत जरुरे बा.

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