तस्वीर जिन्दगी के
(भोजपुरी गजल संग्रह)
मनोज 'भावुक'
45
गजबे मुकद्दर हो गइल
गड़ही समुन्दर हो गइल
साथी त टंगरी खींच के
हमरा बराबर हो गइल
घरही में सिक्सर तान के
बबुआ सिकन्दर हो गइल
राजा मदारी कब भइल?
जब लोग बानर हो गइल
'भावुक' कहाँ भावुक रहल
ईहो त पत्थर हो गइल
===
< < List | <Back | Next>


