भारत के एक हजार साल पुरान देशज भाषा भोजपुरी अपने देश में आजु सौतेलापन के शिकार बिया. राजनेतवन आ केंद्र सरकार के अनदेखी का चलते भोजपुरी दसियन बरीस से संवैधानिक मान्यता खातिर तरसत बिया. खास त ई बा कि दुनिया के सोलह देश के 20 करोड़ से बेसी लोग केपूरा पढ़ीं…

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– स्पेस क्रिएटिव मीडिया अपने अनप्रोफेशनल रवैये और दिशाहीनता के कारण भोजपुरी सिनेमा भले ही इन दिनों आलोचना के केंद्र में हो लेकिन इसकी समृद्ध परम्परा और मिठास के मुरीद भी कम नहीं हैं. ऐसी ही एक अदाकारा हैं सुप्रेरणा सिंह जो तमिल, तेलगु, राजस्थानी , मराठी और उड़िया फिल्मोंपूरा पढ़ीं…

छपरा के कटहरी बाग महाबीर स्थान में कृष्णकुमार वैष्णवी और नूतन गुप्ता की दुलारी बेटी वैष्णवी सारण सेंन्ट्रल स्कूल में कक्षा सात की छात्रा है परन्तु अपनी अभिनय कला से वह लाखों परिवारों की दुलारी बन गयी है. अभी दस साल कि इस बाल कलाकार वैष्णवी को पढ़ाई लिखाई केपूरा पढ़ीं…

– शशिकान्त सिंह, रंजन सिन्हा हिन्दी फिल्मों के शहंशाह अमिताभ बच्चन और डांसिंग क्वीन सीमा सिंह में क्या समानता है शायद कुछ नहीं, मगर कुछ समानता है. अमिताभ बच्चन और सीमा सिंह दोनों उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के हैं और दोनों ने कड़ी मेहनत के बाद सिनेमा जगत में नंबरपूरा पढ़ीं…

– शशिकान्त सिंह, रंजन सिन्हा भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार विनय आनंद का इस वर्ष भोजपुरिया पर्दे पर वर्ष 2012 में पूरी तरह कब्ज़ा होगा. विनय आनंद की इस साल एक दो नहीं बल्कि पूरी एक दर्जन फिल्में प्रदर्शित होंगी. इन फिल्मों में ‘हमरे नामे जिला हिलेला’, ‘एलान-ए-जंग’, ‘कजरा मोहब्बतवाला’,पूरा पढ़ीं…

– समरजीत शनि के बारे में आम धारणा यह है कि जब किसी इंसान के जीवन में आते हैं तो साढ़े सात साल तक आदमी परेशान रहता है. शनि की साढ़े साती, साढ़े सात साल तक चलती है. लेकिन शायद लोगों को कम ही पता होगा कि शनि न्याय केपूरा पढ़ीं…

डा॰ हेमंत जोशी (सहज आ सफल प्रसव खातिर जरूरी बा कि होखे वाली महतारियन के कुछ मूलभूत जानकारी रहे के चाहीं. एह लेख में डा॰ हेंमत जोशी उहे जानकारी दिहल चाहत बाड़े.) भारत में हर साल बहुते महतारी आ शिशुवन के अकाल मौत हो जाला. आंकड़ा बतावेला कि हर एकपूरा पढ़ीं…

काल्हु अँजोरिया के एगो सम्मानित पाठक नीरज जी जानल चहले कि सुर के महासंग्राम के आडिशन पटना में कहिया होखी? उनुका सवाल के जवाब लिखे बइठनी त बहुत कुछ अइसन लिखा गइल कि सोचनी कि एकरा के अलगे पोस्ट कर दीं. पता ना का चाहत बावे महुआ टीवी चैनल आपूरा पढ़ीं…

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद कहले रामचेला से कि गाय आ चाय में का फरक बा. फरक तऽ ना बुझाइल बाकी बुड़बक अस मुंह बा के लगले तिकवे एने ओने. फेर सांस ले के कहले कि हमरा तऽ मालूम नइखे लेकि बतकुच्चन वाला बाबू ओम परकास जी से पूछ केपूरा पढ़ीं…

– शशिकांत सिंह, रंजन सिन्हा सिकन्दर खान उन अभिनेताओं में शुमार किये जाते हैं जो अपना मुकद्दर खुद लिखने में यकीन करते हैं. वाराणसी के दानगंज चोलापुर के रहनेवाले सिकन्दर खान ने अब तक ‘होश’, ‘दुकान’, ‘सिंदूर की सौगंध’, ‘ज्वाला डाकू’, ‘क़ैदी’, ‘गुरु महागुरु’, ‘क़ोहराम’, ‘मेरी अदालत’, ‘मेंहदी’ तथा ‘भारतपूरा पढ़ीं…

– शशिकांत सिंह, रंजन सिन्हा उत्तर प्रदेश में हंगामा मचाने के बाद भोजपुरी की चर्चित फिल्म ‘केहू हमसे जीत ना पाई’ अब बिहार और मुबई में हंगामा मचाने जा रही है. गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में ‘केहू हमसे जीत ना पाई’ ने अपने शानदार प्रदर्शन के साथ दर्शकों कापूरा पढ़ीं…