भउजी हो

भउजी हो ! सूनलू ह?

ना! आजु रउवा हमार सुनीं.

कहिये द तब!

एक हालि हमरा सखी के प्रेमी ओकरा से डींग हाँके लगलसि कि हम तोहरा खातिर जान दे सकीलें.

बड़ा जानदार प्रेमी रहुवे.

बीचवा में बोलल जरुरी बा?

ओह हो गलती हो गइल. हँ तब तहार सखी का कहली?

सखी कहलसि कि रहे द, रहे द! तहरा के हम देख चुकल बानीं. याद बा ओह दिन के जब एके संगे सूते कि मिलल रहुवे आ तू बीच में तकिया राख के सूतल रहुवऽ. एगो तकिया त फानल पार ना लागल, जान देबऽ!

आ तू हमरा के आजु बतावत बाड़ू? पहिले बतलवले रहतू त ऊ गलति ना नू करतीं!

भउजी हो

भउजी हो ! सूनलू ह?

कवन बाति?

तसलीमा का बारे में.

ए बबुआ गाछ से गिरल पतई, आ घर से निकलल मेहरारू के कवनो ठौर ठिकाना ना होला. हवा बेयार जेने मन करेला तेने उधिया ले जाला!

से त ठीक बा भउजी, बाकिर का इहे धरम हऽ कि शरणागत के रक्षा ना कइल जाव?

शरणागत के रक्षा खातिर त सांस्कारी लोग आपन जानो के बाजी लगा देबेला, बाकिर नेता लोग से सांस्कारिकता के उमेद कईल बेकार बा.

कहत बा लोग कि लिखल बन्द करि दऽ आ माफी माँग लऽ.

कहे खातिर त लोग इहो कहत बा कि आ के हमरे घर में रहि जा! मुहँझौंसन के आगि लागो!

भउजी हो

भउजी हो ! सूनलू ह?

कवन बाति?

सरकार मान लिहलसि कि नन्दीग्राम पर संसद में चर्चा कइल जा सकेला.

त का चाहत बानीं? खाली ललमुँहवे अंगुरी करऽ स! मउका मिलल बा त सेर के सवा सेर देला में का हरज बा?

फेर गठबन्हन धरम के का होखी?

अब जमाना बदलि गइल. गठबन्हन के कवनो मोले ना रहि गइल. जब तू हमार खेयाल ना रखबऽ त हम तहार खेयाल काहे राखब?

ठीके बा भउजी, बाकिर देखलू हऽ ना, शेयर बाजार साढ़े तीन सौ अंक गिर गइल. जब जब झगड़ा बढ़ेला तब तब सेंसेक्स गिरे लागेला.

सट्टेबाजन के सेंसे इहे होला!