भउजी हो

Devar Bhabhi chattings.

भउजी हो!

का बबुआ?

तू अतना चाल्हाक कइसे हो गइलू?.

रउरा से दुगुना दुनिया देखले बानीं, एहसे.

अतना उमिर त तहार ना भइल.

उमिर से बुद्धि थोड़े बढ़ेला? अरे जम नइहर सासुर दू गो दुनिया देखले बानीं, रउरा एगो.

हँ, इहे त तहरा लोगिन के खासियत होला. अनका घर से आके दोसरा घर में मलकिनी बनि जालू लोग.

ई ना कहेम कि आपन बाप महतारी घर दुआर सब तेयाग के दोसरा घर खातिर बलिदान हो जाली सँ!

अइसनका बलिदानी बने के मउका मिलो त हमहूँ बन जाईं.

ठीके बा, त जाईं घर जमाई बनि जाईं.

रहे दऽ हम बुड़बके निमन...

भउजी हो

Devar Bhabhi chattings.

भउजी हो, सुनऽतारू?

का बबुआ जी?

काल्हु त फगुवा हँसी खुशी बीत गइल. अब रात से चइता के धूम शुरु हो गइल बा. भर महीना अब जहाँ तहाँ चइती के प्रतियोगिता होखी.

से त हर साल होखेला. अबकी होली का दिने आडवाणी आ सोनिया का बीचे का भइल कुछ पता चलल?

ना भउजी. बाकिर आहे एगो बड़ खबर बा कि दुनू जने भेंट कइलन. कुछ त बरफ पिघलले होखी. बाकिर पाकिस्तान के मनमोहन का बारे में तोहार का विचार बा?

पाकिस्तान के मनमोहन ना हउअन गिलानी. ऊ पहिलहीं से राजनीति का खेल में बाड़न आ माटी का माधो का तरेह काम ना करिहन.

त क दिन चलिहन भउजी?

जव दिन चलसु. पाकिस्तान आ हिन्दुस्तान का राजनीति में बहुत अन्तर बा. हिन्दुस्तान के राजनीति में लोकतंत्र के जड़ जम चुकल बा. पाकिस्तान में जेकर सरकार रहो चलेला फौजे के.

ठीके कहतारू भउजी. चलऽ अब चलल जाव. मुहल्ला में चइता हो रहल बा.

हँ हँ जाईं, चईता के त बहाना बा. असल में त जवन लउण्डा नाच होखले ओकरे के देखे के बा!

धत् भउजी! तुहूँ त..

भउजी हो

Devar Bhabhi chattings.

भउजी हो, सुनऽतारू?

अरे वाह रे देवरजी, आ गइनीं. हम त सोच लिहले रही कि अब रउरा ना आएब.

अइसनका होइये ना सके भउजी. फगुआ का दिने तहरा हाथ के बनावल गुझिया पिड़ुकिया आ दही बड़ा ना खाएम त फगुवा अधुरे नू रह जाई.

कनिया के काहे ना ले अइनी हँ?

ऊ ओने अझूराइल बाड़ी. हमहूं बाजार से सब सामान ले आ के दे दिहनी हँ. फेर कहनी कि जबले बनइबू तबले हम भउजी से भेंट कर आवत बानीं.

अच्छा चलीं जल्दी से रंग अबीर खेल लिहल जाव. फेर हमहूं साँझ के आएम कनिया के हाथ के पकवान खाए खातिर.

से त ठीक बा. भईया केने बाड़न? लउकत नइखन.

गइल बाड़न अपना पड़ोसन भउजाई से होली खेले.

बाकिर आव भउजी, आजु एगो आउरी बाति तय कर लिहल जाव.

का बबुआ जी? इहे कि हमनी का फेर पहिले का तरेह देश दुनिया समाज के बात विचार करत रहल जाई. ना त लोग कहत बा कि देवर भउजाई का झगड़ा हो गइल बा का?

झगड़ा होखो हमनी का दुश्मन में, हमनी में काहे?