भउजी हो

Devar Bhabhi chattings.

भउजी हो!

का बबुआ जी?

आजु मन बहुते उदास बा.

का हो गईल? कनिया से कुछ कहासुनी हो गइल बा का?

ना भउजी. तहरा त हर समय कनिये दुलहा लागल रहेला. आजु हम भोजपुरी के लेके चिन्तित बानीं.

चिन्ता छोड़ दीं. भोजपुरी ना त रउरा सम्हरले सम्हरी, ना बिगड़ले बिगड़ी. आजुकाल्ह भोजपुरी का पोखरा में मार ढेला चल रहल बा त तरह तरह के लहरे उठबे करी. इयाद करीं आजु से छह सात साल पहिले के बाति. रहे कतहूं चरचा भोजपुरी के?

ना! बाकिर आजु जे हो रहल बा से ढेर लोग का नजर में अश्लीलता बा फूहड़पन बा.

देखीं, रउरा लेखा पढ़ल लिखल लोग से त हम अझूराएम ना. बाकिर भोजपुरी के मापे के बा त दोसरा भाषा दोसरा संस्कृति के चश्मा से देखल छोड़े पड़ी. जवन बाति एगो भाषा में अश्लील होखेला दोसरा में मान्य हो जाला. जहाँ तकले हम देखले बानी भोजपुरी में दोसरा भाषा का तुलना में खुलापन अधिका बा. जेकरा देखे सुने के होखे ऊ फगुआ का टाइम में गाँवे आ जाव आ देखो सुनो फगुआ के गीत जवन गांव भर के लोग झूमत गावत भर गाँव घूम घूम गावेला. भा बिआह का सीजन में बारात निकलला का बाद घर के मेहरारूअन के डोमकच देख लेव जवन सास पतोहु महतारी बेटी सभका सोझा होखेला.

वाह रे भउजी, तहरा के अइसहीं ना नू अतना मानी ला. तू चीजे गजब के हऊ! बाकिर एह बाति पर हम अतना आसानी से ना मानब. लोगो से जानब पूछब तब कुछ मानब.

राउर मरजी!

भउजी हो

Devar Bhabhi chattings.

भउजी हो!

मिल गइल फुरसत, भउजी का लगे आवे के?

का भउजी, ओरहन दिहल ना छोड़बू?

त का कहीं? अतना अतना दिन हो जाला रउरा से भेंट भइले. भरसक ना कनियवो रउरा से खिसियाइल रहेले.

हो गईली नू गोतिनी का ओरि. खैर छोड़ऽ शिकवा शिकायत. एगो बाति बतलाव?

का ?

हिन्दू लोग के आत्मघाती जत्था बने के चाहीं कि ना?

ऊ त कहिये से बनवले बा लोग! कहल मुश्किल बा कि कतना आत्मघाती जत्था बाड़ी सन आ कतना रोज बन रहल बा.

का भउजी, हम त कहीं ना देखनी, ना सुननी. ऊ त बाल ठाकरे कहलन त सोचे लगनी कि ठीक कहत बाड़े कि गलत?

हिन्दू लोग त बुझाला कि जनमते आत्मघाती बनि जाला लोग. ना त हिन्दूवन के अइसन हालत होखित? ऊ त कहीं कि गनीमत बा कि कुछ लोग आत्मघाती ना बनि के हिन्दू समाज के बढ़ावे खातिर लागल बाड़े. नमस्कार करीं ओह लोग के!

वाह भउजी! कतना बढ़िया तरीका से तूं अपना मन के बात कह दिहलू.बाकिर तहार बतिया के पेच बूझी कव जाने!

भउजी हो

Devar Bhabhi chattings.

भउजी हो!

आ गइनीं। हम त सोचले रहीं कि अब रउरा टाइम से आइल करेब.

का कहीं भउजी अकसरहां कवनो काम में अइसन अझूरा जाइला कि तहरा से बतियावे के फुरसते ना मिले.

अब का हो गइल रहल हा?

चलि गइल रहुंवी डाक टिकट छपवाये.

मतलब?

सोचनीं कि तहार मोहनी सूरत के एगो डाक टिकट पर छपवा दीं फेर लोग जीभ से चाट चाट के साटल करी अपना लिफाफा पर.

आ दुर्र, हमहीं भेंटइली हँ रउरा बुड़बक बनावे खातिर!

ना भउजी सांचहूं कहत बानीं. कइ गो यूरोपियन देश में डाक सेवा चलावे वाली कम्पनी टीएनटी पोस्ट एकर सुविधा देबेला कि जे चाहो अपना पसन्द के टिकट छपवा लेव आ ओकरा के डाक टिकटे लेखा इस्तेमाल करे.

बाकिर जेकर फोटउवा छपी ओकरा से त पूछ लेबे चाहत रहुवे. हमरा नइखे अइसनका झंझट पाले के शौक.