भोजपुरी चुटपुटिआ

 

समय से पहिले आ भाग्य से अधिका,
ना तऽ मिलल बा, ना मिली.
बाकिर तहरा का मालूम कि तहरा भाग्य में कतना बा आ तहार समय कब आई ?
एहिसे तू बस हरदम लागल रहऽ !

 

आपन खयाल रखीहऽ ! ना.
जीते वाला आपन खयाल ना राखे,
ऊ जिम्मेदारी उठावेला, जोखिम उठावेला,
आ हालात पर काबू राखेला !

 

पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले :-
जवन कुछ करबऽ ओकर निशान रहि जाई
तू आपन गलती हमेशा सुधार सकेलऽ.
असल चीज ऊ बा जवन तहरा भीतर बा.
जिन्दगी अक्सरहाँ दुखदायी तरीका से तहरा के चोख करी.
आ सबसे बड़ बाति ई कि
अपना के उपरवाला के इशारा पर छोड़ दऽ जेकरा हाथ तहरा के सम्हरले बा.

 

करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे,
बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर.
तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी,
पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

 

जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ
कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर
अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि
याद करेला लोग केहू के मरला पर.

 

कबहूँ त भोर होई, कबहूँ छँटी कुहासा
‘भावुक’ ई मान लऽ तू आगे अन्हार नइखे

 

हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस,

हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक.

तू खिसिया के लिखले रहलऽ,

ना ! भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

 

दिल्ली के सरदी,

जैसलमेर के गरमी,

मुम्बइ के बरखा,

पटना के करप्शन,

काश्मीर के आतंकवाद,

अफ्रीका के साँप,

आ यूपी के " आप "

बाप रे बाप !

 

बिहार के डाक्टर,

यूपी के पुलिस,

आ बंगाल के लड़की,

लाजवाब होलें.

 

सर्किट मुन्ना भाई से - भाई गाँधी जयन्ती का बारे में बतावऽ

मुन्ना भाई - गाँधी मस्त सॉलिड आदमी रहन यार. बाकिर मा कसम अपुन तनिको नइखे जानत कि जयन्ती का संगे उसुका का लफड़ा रहुवे.

 

तहरा बारे में कुछ सुने में आइल हऽ.
जब फुरसत मिले बतिया लीहऽ.

 

 

 

पहिले पूरा एसएमएस पढ़ लिहल जाला.

 

का सोचत बारऽ हम तहरा के रोज रोज एसएमएस काहे करेनीं ?

तहरा से छोह खातिर ?

तहरा से मोह खातिर ?

अरे बेवकूफ परेशान करे खातिर केहू आपन जरुरी होला ! एहसे !

 

पता ना लोग कइसे एक एक महीना ले ना नहावऽ. हमरा तऽ उनतिसवे दिन खुजली हो जाला.

बा रउरा लगे कवनो उपाय ?

 

एगो आदमी रामन्दिर में जाके भगवान से अपना भुलाईल मेहरारू के खोज देबे के निहोरा कइलसि.

रामजी बोललन - बगल का हनुमान मन्दिर में जाके निहोरा करऽ. हमरो मेहरारू ऊहे खोजले रहन.

 

जइसन बीतल वइसन भोगनी.

अब आगा से निमन बीतो.

जवन बीत गइल तवन बात गइल.

चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव !

 

जवन बीत गइल ऊ इतिहास हऽ,

जवन आवे वाला बा ऊ भविष्य.

हमरा तहरा हाथ में बस आजु के वर्तमान बा.

आवऽ हँसल जाव, खेलल जाव !

 

बतावऽ तऽ जानीं

वैलेन्टाइन डे १४ फरवरी के लोग अइसन का करेला कि नव महीना बाद १४ नवम्बर के बाल दिवस मनावे के पड़ जाला ?

 

आपन हार आ मेहरी के मार

कहल ना जाला.

 

सह लिहल जाला !

 

उनके के सब पूछ रहल, धन बा जिनका पास
हमरा छूछे भाव के, के डाली अब घास

 

तू हमरा ओरि ताकऽ,
हम तहरा ओरि ताकीं.

आ अँखिये अँखिये में एसएमएस कईल जाव!

 

भगवान करसु तहार बेटा जीये,

आ उमिर भर तहार खून पिये.

 

हमरा ईहाँ अईबऽ त का का ले अईबऽ ?

तहरा किहाँ आयेब त का का खिअईबऽ ?

 

शुभचिन्तकजी, अईलन,

मुसकुरईलन.

चाय पियलन.

फेर कहलन,

बड़ा खराब हालत बा यार,

दे दऽ कुछ रुपिया उधार.

तबसे फेर मुँह ना देखवलन,

बढ़िया शुभचिनतक रहन.

शुभ आपन कईलन, चिन्तक हमके बनवलन.

 

सुनल हऽ कोर्ट एगो आदमी के बलात्कार के दोषी पाके ओकरा पर ११ हजार ४२० बीस रुपिया जुर्माना ठोक दिहलसि.

ई कवन हिसाब भईल ?

१०००० रेप करे खातिर, सैकड़ै चार का दर से वैट ४०० रुपिया, आ सैकड़ा १०.२ का दर से सर्विस टैक्स १०२० रुपिया !

रउरो त कुछ चुटपुटिआ भेज सकीलें.