भोजपुरी चुटपुटिआ

 

जे तहरा खातिर काँट बने तू कर दऽ ओकरा भाला,
उहो सार समुझ जइहन कि पड़ल केहू से पाला.

 

केहू खातिर चार पल के इन्तजार गरज हऽ, चार घण्टा भरोसा हऽ, चार दिन दोस्ती हऽ, आ चार जनम प्यार हऽ!

 
मस्त रहऽ, आबाद रहऽ,
ईहाँ रहऽ चाहे इलाहाबाद रहऽ!

 

राजपूत के बाबू कहले, ब्राह्मण के खिअवले,
लाला के लेले देले, राड़ के लतियवले.
जइसन देवता, वइसन पूजा.

 

फर्स्ट ना त सेकण्ड ना त थर्ड कहाँ जाई, पास ना त फेल केकरा बाप से रोकाई?

 

चढ़ल सेज स्वामी सजे,
रन बन में तलवार,
सूरज चान आकास में,
बिंदी बीच लिलार.

 

अइसन बानी बोलिये कि जम के झगड़ा होय,
पर ओहसे कुछ ना बोलिये
जो तुमसे तगड़ा होय..

 

गणेशजी के पेट जस बड़ खुशी,
सूंढ़ जस लमहर जिनिगी,
मूस जस छोट परेशानी,
आ लड्डू जस मीठ अनुभव मिलो.

 

प्यार में वादा रहे कि अलगा होखला पर ना जीअम. ऊ आपन वादा पूरा कइलन आ प्रेमिका के बिआह का चालीसे साल बाद भरल पूरल परिवार छोड़ के गुजर गइलन.

 

इन्सान वादा तूड़ेलें,
ईयाद इन्सान के तूड़ देले.

 

मरद मूड़ी आ मेहरी गरदन होले. गरदन मूड़ी के जब जेने मन करेला वोइसे घुमा लेले.