No Image

रहे एगो आस रे…

March 5, 2015 Editor 4

– ओमप्रकाश अमृतांशु डहके मतरिया रे , छछनेली तिरिया, बाबुजी बांधत बाड़न, बबुआ के लाश रे, जिनिगी के जिनिका पे रहे एगो आस रे. ढरकत […]

Advertisements
No Image

मईया करेली सिंगार

April 1, 2014 अमृतांशु 3

– ओमप्रकाश अमृतांशु लह-लह लहसेला नीमिया के गछिया, शीतल बहेला बेयार, ताहि तर मईया करेली सिंगार. सोनरा के बिटिया झूमका ले आइल, ले अइली गरवा […]

जुलूम कइलस रे…..

December 7, 2013 Editor 0

– ओमप्रकाश अमृतांशु कांचे कोंपलवा मड़ोड़ि दिहलस रे, इंसान रूपी गीधवा जुलूम कइलस रे. खेलत-कुदत-हँसत रहले हियरवा, अनबुझ ना जाने कुछु इहो अल्हड़पनवा, रोम-रोम रोंवां […]

No Image

देवी गीत

April 18, 2013 Editor 4

– ओमप्रकाश अमृतांशु रुनु-झुनू, झुनू-झुनू झुनके पैजनिया. खनके कंगना . मोरी देवी अइली डुमरी के फुल हो, झुलुअवा लगावऽ अंगनवा ना. शुभ नवरात शुभे-शुभे घरी […]

No Image

धरती के चुनरी रंगाई

March 26, 2013 Editor 3

– ओमप्रकाश अमृतांशु कि आरे झुरू -झुरू बहेला फगुनवा , सगुनवा लेइके बा आईल. लाल -पियर शोभेल गगनवा , धरती के चुनरी रंगाईल. {1} आमवा […]

No Image

हे ! विद्या के भंडारिणी

February 16, 2013 Editor 4

– ओमप्रकाश अमृतांशु हम बच्चा दिल के सच्चा  आईऽ गइलीं शरण में . हे ! विद्या के भंडारिणी , द नव कृपा कृपालिनी , बुद्धि – सद्बुद्धि कर द हमरो , हे माँ ! वीणावादिनी . तू […]