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हमहु बोली बोलब

December 18, 2015 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी हमरा मालूम न नीमन-बाउर, भर दिन कलई खोलब. हमहु बोली बोलब. चीचरी परलका कागज लाइब, दुअरा बईठ के किरिया खाइब, मंच […]

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लुत्ती लागल बा

November 28, 2015 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी बिला गइल माथा के संतुलन बेगाथा के बौंडियात बानी एनी ओनि सुनाइल एघर से भागल बा ॥ बुझाता ए एनियों लुत्ती […]

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शरद सुहावन

November 23, 2015 Editor 0

– डाॅ. अशोक द्विवेदी रतिया झरेले जलबुनिया फजीरे बनि झालर झरे फेरु उतरेले भुइंयाँ किरिनियाँ सरेहिया में मोती चरे ! सुति उठि दउरेले नन्हकी उघारे […]

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भकुआइल बबुआ

November 3, 2015 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी माटी के थाती छोड़ी जब से पराइल बा, नीमन बबुआ तभिए से भकुआइल बा ॥ जिनगी के अहार न विचार परसार […]

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ईशु स्मृति शोक गीत

September 2, 2015 Editor 0

चलि गइल छोड़ि कवन देसवा हो बाबू, मिले नाहिं कवनो सनेसवा हो बाबू।। गोदिये से गइल, अवाक् रह गइनीं कवनो ना बस चलल, का का […]