गलत बेख़ौफ़ घूमे घर नगर में

December 22, 2016 Editor 0

(भोजपुरी ग़जल) – सुधीर श्रीवास्तव “नीरज” जहां मे लौटि आइल जा रहल बा बचल करजा चुकावल जा रहल बा। हवस दौलत के कइसन ई समाइल […]

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जिंदगी के ग़ज़ल

September 11, 2010 OmPrakash Singh 3

– मनोज भावुक हजारो सपना सजा के मन में चलत रहेलें मनोज भावुक गिरत रहेलें, उठत रहेलें, बढ़त रहेलें मनोज भावुक एह जिंदगी के सफर […]