– रामरक्षा मिश्र विमल हमनी के ‘गोधन’ (भैया दूज) मनावे के तरीका अलग होला। आजु भोरहीं मए बहिनि अपना भाई के भर मन सरापेली सन आ फेरु जीभि में रेंगनी के काँट गड़ाके प्रायश्चित करत आपन बात लौटावेली सन आ शुभकामना प्रकट करेली सन। ई बहुत जरूरी बा नया पीढ़ीपूरा पढ़ीं…

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