– जयंती पांडेय एकदिन एगो नेताजी अपने दुलरुआ बेटा से पूछले – बाबू रे, तें आगे जा के का बने के चाहऽतारऽ ? माने कि जिनिगी में आगे जा के का करे के इरादा बा ? उनुकर बेटा टप दे कहलसि – बाबूजी, हम त आगा चल के नेता बनब.पूरा पढ़ीं…

Advertisements

– जयंती पांडेय रामचेला प्रधानमंत्री के इन्टरव्यू सुनि के एकदम से सेंटिमेंटल हो गइले आ मुड़ि पीटत सनकाह अस बाबा लस्टमानंद के दुअरा आ गइले. बाबा सामने खाड़ा रहले. रामचेला पूछले – बाबा ई का सुनऽतानी कि प्रधानमंत्री जी मजबूर बाड़े. बाबा कहले – ए बुड़बक, मजबूरिये से मजबूती आवेलापूरा पढ़ीं…

महाभारत के कहानी में एगो भीष्म पितामह रहले जिनका चरित्र में दोसर दोष ना रहे सिवाय एह बात के कि ऊ सत्ता पक्ष का साथे रहले आ अपना आँखि का सोझा सबकुछ गलत होत देखत रहले. ना त ऊ ओह चरित्रहीन सत्ताधारियन के साथ छोड़ले ना कबो साँच के साथपूरा पढ़ीं…

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज मीडिया संपादकन से बतियावत जवन कुछ कहले ओकर लब्बे लुआब इहे बा कि ऊ मजबूर बाड़े, गठबन्हन सरकार में कुछ ना कह सकस, कुछ ना कर सकसु. सरकार चलावे के उनुका योग्यता का बारे में उनुकरे कहना से अनुमान निकालल जा सकेला कि उनुका मालूमे नापूरा पढ़ीं…

– पाण्डेय हरिराम पेट्रोल के दाम बढ़ले कुछुवे दिन बीतल बा कि सरकार डीजलो के दाम में दू रुपिया प्रति लीटर के आ रसोई गैस का दाम में बढ़ोतरी करे के फैसला लेबे जा रहल बिया. सरकार एही हफ्ता एह पर फैसला कर ली. रहल सहल कसर प्याज के बढ़तपूरा पढ़ीं…

– पाण्डेय हरिराम आजुकाल्हु अइसन लागे लागल बा कि मानो भ्रष्टाचार आ साम्प्रदायिकता देश के सबले बड़हन समस्या बाड़ी सँ आ एकनी के खतम होखते देश के सगरी समस्या खतम हो जाई. कांग्रेस के ८३ वाँ महाधिवेशन सोमार का दिने खतम हो गइल. एह अधिवेशन में पार्टी अध्यक्षा सोनिया गाँधीपूरा पढ़ीं…

– पाण्डेय हरिराम अबही नीरा राडिया टेप कांड के मसला गर्मे चलत रहल ह आ एकरा में कई जने बड़हन आ आदर्श कहाए वाला मशहूर पत्रकार दलाली करत सुनल गइलें. एही बीच अतवार का रात एगो बहस का दौरान कुछ पोढ़ वक्ता कह दिहलें कि राज्यसभा बाजार बन गइल बियापूरा पढ़ीं…

– जयंती पांडेय सरकारी बीवी, बहू, समधिन, समधी लांग लाइफ काम देला लोग, रिटायर हो गइला के बादो. सरकारी होखला के फायदा रिटायर्ड होखला के बादे बुझाला. सरकारी आदमी के अरदवाय बेसी होला, ढेर दिन ले पेंशन खाला. जेतना वेतन ना पावे, ओकरा से बसी पेंशन पा जाला. पराइवेट नोकरीपूरा पढ़ीं…

– पाण्डेय हरिराम देश के हर आदमी जवना सिस्टम में जी रहल बा ओहिजा के मूलमंत्र ह . “ई सब चलेला एहिजा”. ओह हालत में नियम-कायदा ताक पर राख दिआला. जेकरा मौका मिल जाव उहे नियम तूडल आपन अधिकार मानेला – कतहीं कम, कतहीं ज्यादा. जब ई अधिकार बिकाये लागेपूरा पढ़ीं…

– जयंती पांडेय बड़ा कंफ्यूजन बा जी. आउर ई नेता लोग तऽ मामिला के अउरी फइला रखले बा. जवने घोटाला सामने आवऽता ओही के सबसे बड़हन बता देता लोग. एक बात पर टिकते नइखे लोग. ई जमाना के साथ चले वाला बात ना हऽ. काहे कि जेतना जल्दी-जल्दी ई घोटालापूरा पढ़ीं…

– पाण्डेय हरिराम कारण चाहे जवन होखे, भ्रष्टाचार आ घोटाला के दू गो बड़ आरोपियन के बाहर के रास्ता देखा के बुझात बा कि कांग्रेस दांडिक नीति लागू करे का दिशाईं डेग धर दिहले बिया. पार्टी विवादन में घेराइल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण के इस्तीफा दिवइला का साथेसाथ राष्ट्रमंडलपूरा पढ़ीं…