दुमुंहा

October 16, 2017 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ललछौंहा कवनों फोड़ा टीसत रहे कुलबुलात रहलें चोरी चुपके परजीवी कृमि चीरा लगते अंउजाइल बहरियाए लगलें । तीखर घामे दँवकल भीत […]

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दू गो गीत

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी 1 पगे पग ठोकर समय के नचवना कइसन जिनगी सटत रोज पेवना.   घुमल अस चकरी पलिहर जोताइल नमियो ना  खेते  […]

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महतारी

July 19, 2016 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आजु निकहे बिखियाइल बानी माई बचवन पर नरियात नरियात लयिकवो मुरझा गईलें आँखिन के लोर थम्हात नइखे फेरु अझुराइल नोचब बकोटब […]

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आन्हर कुकुर बतासे भूंके

July 3, 2016 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी टीभी के परिचरिचा देखs अस लागे, गोंइठा घी सोखे। आन्हर कुकुर बतासे भूंके।। मिलत जुलत सभही गरियावत पगुरी करत सभे भरमावत […]

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ललुआ इंटर पास हो गइल

May 28, 2016 Editor 0

पिछला 15 मई का दिने पूर्वांचल भोजपुरी महासभा का तरफ से हिन्दी भवन, ग़ाज़ियाबाद में एगो भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित कइल गइल जवना क […]

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हेराइल आपन गाँव

April 30, 2016 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी कोइला से पटरी पचरल ले के शीशी घोटल सांझी खानि घरे मे माई ले रगड़ के मुंहो पोछल बा के इहवाँ […]

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फगुनवा मे

March 22, 2016 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी बियहल तिरिया के मातल नयनवा, फगुनवा में ॥ पियवा करवलस ना गवनवां, फगुनवा में ॥ सगरी सहेलिया कुल्हि भुलनी नइहरा । […]

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डहकत मनई

February 1, 2016 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी गुरुवा तनि बताउ उनके इहवाँ घर घर आग लगल हौ । घुमला फिरला से फुर्सत नईखे सचहुं उनकर भाग जगल हौ […]

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का करीं

January 16, 2016 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी रूंधल बिया सपनों अब कसमसाहट बा आहट बा चाहे बुझात नइखे या सुझात नइखे का करीं । केहर जाईं कइसे कहीं […]

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हमहु बोली बोलब

December 18, 2015 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी हमरा मालूम न नीमन-बाउर, भर दिन कलई खोलब. हमहु बोली बोलब. चीचरी परलका कागज लाइब, दुअरा बईठ के किरिया खाइब, मंच […]

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लुत्ती लागल बा

November 28, 2015 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी बिला गइल माथा के संतुलन बेगाथा के बौंडियात बानी एनी ओनि सुनाइल एघर से भागल बा ॥ बुझाता ए एनियों लुत्ती […]

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भकुआइल बबुआ

November 3, 2015 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी माटी के थाती छोड़ी जब से पराइल बा, नीमन बबुआ तभिए से भकुआइल बा ॥ जिनगी के अहार न विचार परसार […]