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जेकरा खातिर चोरी कइनी उहे कहलसि चोर ! (बतकुच्चन – 188)

April 12, 2015 Editor 0

भन दे गन दऽ ना त दन दे हने लागब. तेजी के मापल जाव त ‘दन दे’ से तेज ‘भन दे’ होला. दन दे कहला […]