– ओमप्रकाश अमृतांशु नेता, अपराधी आ सिपाही के तालमेल के नतीजा हउए बलात्कार. हर घंटा, हर घड़ी, हर राज्य, हर शहर, हर गाँव बलात्कार जइसन घटना से कराह रहल बा. चौकठ के बहरी डेग रखते लइकिन के मन में डर समा जाता. नेता लोगन से पूछीं त केहू के मूंहपूरा पढ़ीं…

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– ओमप्रकाश अमृतांशु लह-लह लहसेला नीमिया के गछिया, शीतल बहेला बेयार, ताहि तर मईया करेली सिंगार. सोनरा के बिटिया झूमका ले आइल, ले अइली गरवा के हार, अद्भूत रूपवा चमकेला चम-चम, टिका शोभेला लिलार, ताहि तर मईया करेली सिंगार. मालिनी बिटिया गजरा ले अइली, करेली वीनती गोहार, ओढ़उल फूलवा सेपूरा पढ़ीं…

– ओमप्रकाश अमृतांशु रुनु-झुनू, झुनू-झुनू झुनके पैजनिया. खनके कंगना . मोरी देवी अइली डुमरी के फुल हो, झुलुअवा लगावऽ अंगनवा ना. शुभ नवरात शुभे-शुभे घरी आइल, चंपा-चमेली फुल केदली फुलाइल, दवाना-मडुआव़ा के संघे खिलखिलाइल ओढउलवा ना. सोरहो सिंगार होठे भरल मुसुकान बा, दमके ला रूप जइसे भइल बिहान बा, सिरवापूरा पढ़ीं…

– ओ.पी. अमृतांशु नीमिया भइली कचनार, महारानी रउरी अँगना में ! लहसेला दावाना-मडुयावा, फुलाइल बेला फुलवा नू हो, ए मईया, गमकेला ओढ़ऊल हार महारानी रउरी अँगना में ! चम-चम चमकेला मुखड़ा, कि लाखो चंदा टूकड़ा नू हो, ए मईया, दमके त्रिशूल-तलवार महारानी रउरी अँगना में ! पुआ-मिष्ठान, छप्पन भोगवा, लागलपूरा पढ़ीं…

– रामरक्षा मिश्र विमल तहरा दरश के जुटी कब सुजनिया, देवी हो मइया ना बानी तहरे शरनिया, देवी हो मइया ना. लछिमी के रूप बरिसावेला धनवा दुखियो के खूब अगरावेला मनवा हमनी के दुख के मिटी कब कहनिया, देवी हो मइया ना खुशहाल जिंदगनिया, देवी हो मइया ना. भव भवपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी सिनेमा के मेगास्टार मनोज तिवारी के गावल माता के भजन बाड़ी शेर पे सवार रुपवा मनवा मोहत बा आजुवो लोकप्रियता के चार्ट वन में बा. बतौर गायक मनोज तिवारी के पूरा दुनिया में मान सम्मान बा. हर साल नवरात्रि में उनकर गावल देवी गीत के भजन लोग हाथो हाथपूरा पढ़ीं…