– नीरज सिंह पुरनका शिवाला के पुजारी पं. गोबिन मिसिर के पराती के राग पहिले उठे कि मियाँ टोली के मुरुगवन के बांग पहिले सुनाय- इ केहू ना कहि सकत रहे। ई दुनो बात होखे आ ओकरा संगे-संगे सउँसे जगदीशपुर में जगरम हो जाय। बाग-बगइचन में चिरई चहचहाय लागँ सन।पूरा पढ़ीं…

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विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया इकाई अउर पाती सांस्कृतिक मंच के एगो बड़हन आयोजन पिछला अतवारा का दिने बलिया के टाउन हाल बापू भवन में भइल. एह आयोजन के पहिला सत्र में पाती संपादक डा॰ अशोक द्विवेदी, प्रो॰ अवधेश प्रधान आ प्रो॰ सदानन्द शाही का हाथै एह साल के “पातीपूरा पढ़ीं…