डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी   चले दीं, प्रयोग बहे दीं धार काल्हु “ये दिल माँगे मोर” पर बहस होत रहे. हम कहलीं कि भाई ‘मोर’ का जगहा ‘और’ कहलो पर त कुछ बिगड़ी ना. फेर काहें एकर ओकालत करतारे लोग. हर भाषा में लिखे-पढ़ेवाला लोग विदेशी शब्दन कापूरा पढ़ीं…

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– वैभव नाथ शर्मा फगुआ भा होली वसंत ऋतु में मनावल जाये एगो महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार ह. हिंदू पंचांग का अनुसार होली फागुन महीना के पुरनमासी के मनावल जाला. रंग के त्योहार कहल जाये वाला ई पर्व पारंपरिक रूप से दू दिन के पर्व होला. पहिला दिने, माने कि पुरनमासीपूरा पढ़ीं…