– ईश्वरचन्द्र सिन्हा सिंहवाहिनी देवी के सालाना सिंगार के समय माई के दरबार में जब चम्पा बाई अलाप लेके भैरवी सुरू कइलिन, त उहाँ बइठल लोगन क हाथ अनजाने में करेजा पै पहुँच गयल. रात भर गाना सुनत-सुनत जे झपकी लेवे सुरू कय देहले रहल, ऊहो अचकचाय के उठ बइठल,पूरा पढ़ीं…

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