– ओ. पी. सिंह आजु अगर हम मौनी बाबा के वन्दना कइला बिना आपन बतंगड़ शुरु क दीं त ऊ बहुत बड़ अपराध हो जाई. मौनी बाबा जबले कुरसी धइले रहलन तबले उनुका मुँह से एगो बकार ना फूटत रहुवे. उनुका बारे में कहल गइल कि रेनकोट पहिर के नहातपूरा पढ़ीं…

Advertisements

– ओ. पी. सिंह केन्द्र के केबिनेट त तिलाक का खिलाफ बने वाला तलाक के मंजूरी दे दिहलसि बाकिर ई कानून मुसलमाने प लागू होखे वाला बा. अपना के हिन्दू कहे बतावे वाला जनेऊधारी बरहमन लोग के दिहल तिलाक का खिलाफ एह कानून के इस्तेमाल ना हो पाई आ ईपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह राजनीति में नीचतई के कवनो सीमा ना होखे. आ दिन प दिन ई अउरी नीचे गिरल जात बा. गुजरात के चुनाव कांग्रेस आ भाजपा का बीच में नाक के लड़ाई बनि गइल बा. हज का भरोसे निकलल कांग्रेस मुतमइन रहुवे कि अबकी गुजरात में ओकर सरकारपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह देश कहवाँ सा कहवाँ आ गइल. चरखाना वाला गमछी आ जालीदार टोपी पहिरल अब आउट आफ फैशन हो गइल आ कुर्ता का उपर से जनेऊ पहिरे के जमाना आ गइल. एह हिन्दू जगरम के शुरुआत करे वालन में राहुल गाँधी के नाम सबले खास हो गइलपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह पिछला दिने मूडी कुछ लोग के मूड बिगाड़ दिहलसि. कहलसि का, से सभे अपना-अपना मूड से समुझल. मियाँ बूझले पियाज त मियाइन बूझली अदरख. जेकरा शास्त्र के अर्थ ना बुझाव उहो अर्थशास्त्री बनि के बहस करे लागल. मूडी से कुछ लोग के मूड बिगड़ल त ऊपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह एगो पुरान कहाउत ह कि बाँझि का जनिहें परसवती के पीड़ा. आ हम सोचत बानी कि ई सवाल बाँझिने से काहें पूछल गइल. परसवतिओ के त ना मालूम होला बाँझिन का पीड़ा. बाकिर चुँकि बाँझिन असहाय होले त ओकरा प कहाउत कहल आसान होला. आ एहीपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह पिछला लेकसभा में चुनाव हरला का बाद कांग्रेस के हालात अइसन बनि गइल बा कि ऊ चुनाव जीते के फार्मूला नगरी-नगरी द्वारे-द्वारे खोजत चलत बिया. ओकरा लागत बा कि सगरी राज मोदी के स्टाइल में लुकाइल बा आ ओकर नकल करि के मोदी के मात दीहलपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह अपना के जनम का गलती से हिन्दू बाकिर संस्कार से इस्लामी बतावे वाला चचवा के चाल लागत बा कामयाब हो गइल. हिन्दू बहुल हिन्दुस्तान के एही चलते नाम रखलसि इण्डिया, भारत त बस बुड़बक बनावे ला लिखाइल-कहाइल. राज चलवलसि गवर्नमेंट आफ इण्डिया. देश के बँटवारा मजहबीपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह आजु एगो गीत बरबस याद आ गइल – तोहरा से राजी ना ए बलमुआ, तोहरा से राजी ना. हमके नीम्बुआ बिना तरसवले बलमुआ तोहरा से राजी ना. एह प्रेमगीत में नायिका के ओरहनो बा आ प्रेम निवेदनो बा. बाकिर जालिम बलमुआ समुझे तब नू बाति बने.पूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह संस्कृत भा संस्कृत से उपजल भाषावन में कवनो दोसरा शब्द का पहिले लाग के ओह बाद वाला शब्द के माने बदलत भा ओकरा के अउर पोढ़ करेवाला शब्द के उपसर्ग कहल जाला आ वि अइसने एगो उपसर्ग ह. जब ई कवनो दोसरा शब्द का पहिले जुड़ेलापूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह कुछ बात बा हिन्दुस्तान में कि नमकहराम एकरा खिलाफो रहेलें आ एहिजे ठाँवो खोजेलें. हिन्दुस्तान के बड़हन जमात रहला का बावजूद एहिजा हिन्दूवन के आवाज पसरे ना दीहल जाव. मीडिया आपन पूरा जोर लगा देले कि हिन्दूवन का खिलाफ होखत अन्याय के खबर मीडिया में जनिपूरा पढ़ीं…