भोजपुरी का नाम पर आपन धंधा करे वाला आ नाम चमकाएवालन के खुलासा आखिर होखही लागल. कहले गइल बा कि “खैर, खून, खाँसी, खुशी, बैर, प्रीति, मधुपान, रहिमन दाबे ना दबे जाने सकल जहान.” बिहार भोजपुरी अकादमी के स्थापना पता ना कवना उद्देश्य से भइल रहुवे बाकिर राजनीतिक चहुँप आपूरा पढ़ीं…

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भोजपुरी आन्दोलन के एगो मजबूत गढ़ जमशेदपुर से बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष पद से प्रो॰ आर॰ के॰ दुबे के हटावे के माँग करत अखिल विश्व भोजपुरी विकास मंच का ओर से बिहार के राज्यपाल आ मुख्यमंत्री के फैक्स करे के फैसला लिहल गइल बा. एह बाबत जानकारी देबे खातिरपूरा पढ़ीं…

‘भोजपुरी पंचायत’ पत्रिका के संपादक कुलदीप कुमार के पिछला दिने पटना में भइल बिहार भोजपुरी अकादमी के पैंतीस साल पूरा भइला का उपलक्ष्य में भइल आयोजन में बिहार के गवर्नर डी. वाई. पाटिल का हाथे बिहार भोजपुरी अकादमी पुरस्‍कार २०१३ से सम्मानित कइल गइल. उनका के ई सम्मान भोजपुरी भाषा,पूरा पढ़ीं…

प्रोफेसर रविकांत दूबे के अध्यक्षता वाला बिहार भोजपुरी अकादमी का ओर से लोकसभा के करीब एक सौ सांसदन के चिट्ठी भेज के गोहार लगावल गइल बा कि भोजपुरी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर ऊ लोग संसद में आक्रामक बाकिर सशक्त आ सृजनात्मक तरीका से आवाज उठावे.पूरा पढ़ीं…