भउजी हो! का बबुआ? आजु एगो नेता के बयान के एगो टुकड़ा पर देश भर के कुकुर एकजुट हो के कुकुरबझाँव करे में लाग गइल बाड़ें. काहे बबुआ ? कुकुरन के वोट देबे के अधिकार मिल गइल बा का? ना भउजी. बात कुकुरन के बोट के नइखे, कुकुर के बच्चापूरा पढ़ीं…

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भउजी हो! का बबुआ? अबकी त लागत बा कि होली के हत्या हो गइल. काहे बबुआ? देखतानी कि फगुआ के दू चार गो दिन रहि गइल बा बाकिर कतहूँ केहू का देंहि पर रंग नइखे लउकत. हो सकेला कि लोग महाराष्ट्र का सूखा का चलते एह साल होली पर रंगपूरा पढ़ीं…

भउजी हो! का बबुआ ? ओह पट्टी के लोग बहुते परेशानी में पड़ गइल बा. काहे बबुआ? एक त अपना जीजा से परेशान रहबे कइल लोग तबले ममहरो से बवाल चहुँप गइल. केहू का मुँह से बकार नइखे फूटत. काहे फूटी ? ओह लोग के त खुश होखे के चाहींपूरा पढ़ीं…

भउजी हो! का बबुआ? बजट पर तोहार राय का बा? लंगटा पहिरी का आ बिछाई का? ए बबुआ हमार त मतिए हेराइल बा घर चलावे में. पता ना लोग कइसे पूरा देश के बजट बना लेला हमरा से एगो परिवारे के बजट नइखे बनत. जवन रुपिया राउर भईया देबे लेंपूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? मठिया पर के बाबा त आजु लुत्ती फेंकत रहुवन. काहें बबुआ ? भभीखना अपना ट्रैक्टर पर गाना बजावत जात रहुवे “लहँगा उठा देब रिमोट से”. गाना सुनते बाबा पिनक गउवन आ लगलन खीसि लुत्ती फेंके. बाबा के खीस कवना बाति पर रहुवे ? लहँगापूरा पढ़ीं…

भउजी हो! का बबुआ? तोहरा के भोजपुरी में एसएमएस भेजला पर जेल ना नू होखी? काहे बबुआ? सुननी ह कि सरकार नियम बना दिहले बिया कि मेहरारूवन के भा लड़िकियन के अश्लील एसएमएस भा एमएमएस भेजला पर तीन साल के जेल मिली. ठीके नू बा. एहमें का दिक्कत बा? लोगपूरा पढ़ीं…

भउजी हो! का बबुआ? दमदा त बड़ा दमदार निकलल. आजुए थोड़े निकलल ह. ऊ त शुरुए से दमदार रहल. ना त अइसन पिरिया बेटी ले के चल जाइत. बाकिर देखते देखत कतना के औकात हो गइल ओकर ! का करे? सास ससुर कुछ दिहले ना कहलें कि ए बबुआ बेटीपूरा पढ़ीं…

भउजी हो! हैप्पी होली! का बबुआ ? रउरो अगरेज बनि गइनी का ? ना भउजी.बाकिर चारो ओर देखि के लागल कि इहे कहल ठीक रही. देखतानी कि जे सुबहित एक लाइन अंगरेजी ना बोल सके उहो एक दोसरा के हैप्पी होली बोलत बा. कबो सोचनी कि काहे अइसन होखत बापूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? तोहार नाँव का हऽ ? ना बताएब. तोहार उमिर कतना भइल ? ना बताएब. तोहार धरम का ह ? ना बताएब. बिआहे अइलू ओकरा बाद कतना के गहना बनववलू ? ना बताएब. कवना बेमारी के ईलाज करावे नइहर गइल रहलू ? कई हालि कहपूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? बहुत दिन बाद अइनी, जमानत मिल गइल का ? ना भउजी. तूलोग जवना जेहल में डलले बाड़ू ओहिजा से मुअला का दिन ले जमानत नइखे मिले वाला. हँ बीच बीच में पेरोल पर छूटत रहीलें. तबो भउजी का लगे आवे में अतना दिन लागपूरा पढ़ीं…

भउजी हो ! का बबुआ ? आजु त उपासल होखबू ? हँ बबुआ आजु तीज के व्रत त सभे औरत करेली. एही पर एगो सवाल बा भउजी ? तोहरा लोग खातिर त तीज, जिउतिया तरह तरह के व्रत बा बेटा भतार खातिर बढ़िया मनावे के. बाकिर मरदन के एहसे आजादपूरा पढ़ीं…