भारतीय जीवन के बहुते खास क्षेत्रन में अंग्रेज़ी भाषा के दखल से भारत के बड़हन नुकसान होखत बा. एह दखल का पाछे सबले बड़हन कारण बा कुछ गलतफहमी जवन हमनी के दिलो-दिमाग में बस गइल बा भा बसा दिहल गइल बा. ई गलतफहमी हई सँ – 1. अंग्रेजिए ज्ञान-विज्ञान, तकनीकपूरा पढ़ीं…

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पिछला 2 नवंबर 2014 का दिने मारीशस के आप्रवासी घाट, पोर्ट लुइस पर गिरमिटिया मजदूरन के अइला के 180वां सालगिरह पूरा धूमधाम से मनावल गइल. एह मौका पर मारीशस के राष्ट्रपति राजकेश्वर प्रयाग, प्रधानमंत्री डा॰ नवीनचन्द्र रामगुलाम, भारत के विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आ अउरियो खासमखास लोग मौजूद रहल. समारोहपूरा पढ़ीं…

लोकतंत्र, आजादी, अनेकता, आ उद्यम खातिर समर्पित दू गो देश भारत आ अमेरिका का बीच बहुते कुछ समिलात बा. मानव इतिहास के हमनी दुनू देश सकारात्मक राह देखवले बानी जा आ हमनी के समिलात कोशिश, हमनी के सहज आ अनूठा जोड़ीदारी आवे वाला बहुते बरीसन ले अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा आ शान्तिपूरा पढ़ीं…