Tag: भीड़ का बीच अकेला होखला के दुख

भीड़ का बीच अकेला होखला के दुख..

– पाण्डेय हरिराम 80 के दशक के एगो गाना हजारन दिल के छूवत ऊ तार खनका दिहले रहुवे, ओह भावना के उभार दिहले रहुवे जवना के लोग महसूस त करत…