– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना दोस्तन के कुछ करे के मौका दिहलन ना घरवालन के. दिल के दर्द के गैस समुझत रह गइलन आ चलपूरा पढ़ीं…

Advertisements

काल्हु पहली मई २०१२ के दुपहरिया नब्बे साल के बाबा रामजियावन दास बावला के लमहर बेमारी का बाद निधन हो गइल. चकिया चंदौली के भीखमपुर गाँव मे एगो किसान रामदेव विश्वकर्मा का घरे माता सुदेश्वरी देवी के पहली जून १९२२ के जनमल पुत्र राम जियावन के पढ़ाई लिखाई में मनपूरा पढ़ीं…