मशहूर भोजपुरी राइटर आ टीवी पत्रकार मनोज भावुक भोजपुरी के सबले लोकप्रिय चैनल ‘महुआ प्लस’ के क्रिएटिव कंसल्टेंट बनावल गइल बाड़ें. लोग कहेला कि टेलीविजन पत्रकारिता में प्रतिभावान लोग नइखे बाकिर कुछ टेलीविजन पत्रकार लगातार एह भरम के तूड़त रहेलें. एहीमें मनोजो भावुक शामिल बाड़न. चैनलन में रहतो ऊ दुनियापूरा पढ़ीं…

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मनोज भावुक को मॉरीशस के राष्ट्रपति रहल आ प्रधानमंत्री रहल सर अनिरुद्ध जगन्नाथ अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी गौरव सम्मान, मॉरिशस 2014 से नवज़लन. भोजपुरी कविता के क्षेत्र में आपन एगो अलग पहचान राखे वाला मनोज भावुक के एक ओर जहां मारीशस सरकार कर्मयोगी सम्मान से सम्मानित कइलस उहवें दोसरा ओर पहिले राष्ट्रपतिपूरा पढ़ीं…

नेपाल की राजधानी काठमांडू में पिछल 13 से 15 सितम्बर 2013 ले आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में भोजपुरी साहित्यकार, लोकप्रिय कवि, फिल्म समीक्षक आ टीवी एंकर मनोज भावुक के ‘परिकल्पना लोक भूषण सम्मान’ से सम्मानित कइल गइल. सम्मान नेपाल सरकार के मंत्री रहल आ संविधान सभा के अध्यक्ष अर्जुन नरसिंहपूरा पढ़ीं…

– मनोज भावुक (१) सर से हाथ हटा के देखीं , हाथ-पैर चला के देखीं, कुछ ना कुछ रस्ता निकली,बुद्धि के दउरा के देखीं पहिले त उठ्ठीं-जागीं, फिर आलस के कंबल फेकीं मन जरूर फरहर होई, दाढ़ी बाल बनवा के देखीं दूध के धोवल केहू नइखे ,सब हमाम में नंगापूरा पढ़ीं…

भोजपुरी शायर मनोज भावुक के शायरी पर बनल भोजपुरी ग़ज़ल एलबम ‘तस्वीर जिन्दगी के’लोकार्पण पिछला दिने नई दिल्ली के हिन्दी भवन में देश के मशहूर साहित्यकार आ समालोचक डॉ. नामवर सिंह के हाथे भइल. टी सीरिज से रिलीज भइल एह पहिलका भोजपुरी ग़ज़ल एल्बम में मनोज भावुक के आठ गोपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी गीत-गवनई के शौकीनन ला मुम्बई से एगो नीमन खबर आइल बा. भोजपुरी में पहिला बेर एगो गज़ल के सीडी टी-सीरीज ‘तस्वीर जिंदगी के’ नाम से जारी कइले बा. मनोज भावुक के लिखल गज़ल के आवाज दिहले बाड़न सरोज सुमन. सरोज सुमन के लोग एगो बढ़िया म्यूजिक डायरेक्टर का तरहपूरा पढ़ीं…

मनोज भावुक के कहानीकार का रूप में बहुत कमे लोग जानेला. अधिका लोग उनका के कवि आ फिल्म समीक्षके का रूप में जानेला. पिछला दिने मैथिली-भोजपुरी अकादमी, दिल्ली तीन दिन के एगो साहित्यिक पर्व के आयोजन नई दिल्ली के मंडी हाउस का त्रिवेणी कला संगम में कइलस. एह आयोजन मेंपूरा पढ़ीं…

– मनोज भावुक हई ना देखs ए सखी फागुन के उत्पात । दिनवो लागे आजकल पिया-मिलन के रात ॥1॥ अमरइया के गंध आ कोयलिया के तान । दइया रे दइया बुला लेइये लीही जान ॥2॥ ठूठों में फूटे कली, अइसन आइल जोश । अब एह आलम में भला, केकरा होईपूरा पढ़ीं…

– मनोज भावुक बोल रे मन बोल जिन्दगी का ह … जिन्दगी का ह . आरजू मूअल, लोर बन के गम आँख से चूअल आस के उपवन बन गइल पतझड़, फूल -पतई सब डाल से टूटल … साध- सपना के दास्तां इहे , मर के भी हर बार — मनपूरा पढ़ीं…

लखनऊ के भाऊराव देवरस सेवा न्यास पिछला दिने माधव सभागार में युवा साहित्यकारन के पंडित प्रताप नारायण मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित कइलस आ भोजपुरी खातिर ई सम्मान भोजपुरी के युवा गजलकार मनोज भावुक के दिहल गइल. भाऊराव देवरस सेवा न्यास पिछला पन्द्रह साल से हर साल अखिल भारतीय स्तरपूरा पढ़ीं…

– मनोज भावुक हजारो सपना सजा के मन में चलत रहेलें मनोज भावुक गिरत रहेलें, उठत रहेलें, बढ़त रहेलें मनोज भावुक एह जिंदगी के सफर में उनका तरह-तरह के मिलल तजुर्बा ओमे से कुछ के ग़ज़ल बना के कहत रहेलें मनोज भावुक ऊ जौन भोगलें, ऊ जौन देखलें, ना भोगेपूरा पढ़ीं…