सब दारू पी गइल

June 4, 2017 Editor 0

– लव कान्त सिंह “लव” फाटल रहे गुदरा-गुदरी एक्के बेर में सी गइल मार मुस – पियना के सब दारु पी गइल । दरोगा जी […]

का लिखीं बुझाते नइखे

May 7, 2017 Editor 0

– लव कान्त सिंह “लव” कुछो अब सोहाते नइखे, का लिखीं बुझाते नइखे। नेता कोई गद्दार लिखीं, डाकू के सरदार लिखीं, चोर के पहरेदार लिखीं, […]

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दिल्ली में मंचित भइल भोजपुरी नाटक “ठाकुर के कुइयाँ”

इन्टरनेट आ तकनीक के जमाना में रंगमंच आ रंगकर्म ओहू में भोजपुरी के रंगमंच के जिन्दा राखल भी पहाड़ चीर के रास्ता बनवला से तनिको […]