– विजय शंकर पाण्डेय श्रीमती आशारानी लाल क कथा संग्रह ‘लाज लागेला’ पर कुछ लिखे में हमहीं के लाज लागत हौ. जइसे सूरज के दीया देखावे में लाज न लगै त देखे वाले ओके पागल जरूर कइहैं. इहै हमार हालत होई. तबो हम ढिठाई करत हईं. विद्वान भूमिका लेखक श्रीपूरा पढ़ीं…

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पिछला 10 मई 2015 का दिने दिल्ली के जेएनयू में भोजपुरी के महिला कथाकार डा॰ आशा रानी लाल के कहानी संग्रह “लाज लागेला” के विमोचन डा॰ नामवर सिंह, डा॰ मेनेजर पाण्डेय, डा॰ सचिदानंद सिन्हा आ लेखिका डा॰ आशा रानी लाल के हाथे भइल. एह मौका पर अनेके विद्वतगण के उपस्थितिपूरा पढ़ीं…