– पाण्डेय हरिराम कृषिर्भूवाचक: शब्दोणश्च निवृतिवाचक: तयोरैक्यं परंब्रह्म इत्यभिधीयते (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्मखंड 28 ) कहे के माने कि “कृष… सत्ता के कहाला. अतुलित सत्ता के नाम कृष्ण ह. ..ण.. के मतलब होला मुक्त भइल, आनन्दित भइल. एही असीमित सत्ता, सार्वभौमिकता, आ असीमित आनन्द के मिला के कृष्ण बनेला. बाकिर आजपूरा पढ़ीं…

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