भोजपुरी के नियमित रूप से प्रकाशित हो रहल पत्रिकन में खास जगहा बना लिहले बिया हेलो भोजपुरी पत्रिका. एकर जुलाई अंक मिलल त देख पढ़ के मन खुश हो गइल. पत्रिका में भोजपुरी सामग्री भरल बा त कुछ रचना हिंदी आ अंगरेजिओ में बा. सराहे जोग बहुत कुछ बा एहपूरा पढ़ीं…

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– राज कुमार प्रसाद (आर. के. अनुरागी) भोजपुरी भाषा, संस्कृति, संस्कार आ भोजपुरिया लोग के दुनिया भर में आपन एगो अलग पहचान बा. एगो पुरान कहावत बा कि ‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी.’ एह में ‘कुछ बात है’ के अपना भाषा आ संस्कृति से जोड़ के देखलपूरा पढ़ीं…