Tag: साहित्य

पापी हो गइल मनवा

– अभय कृष्ण त्रिपाठी पापी हो गइल मनवा कइसे करीं राम भजनवा, प्रभुजी मोरे कइसे करीं राम भजनवा.. आइल बानी द्वार तिहारे, मन ही मन में रजनी पुकारे, पुलकित होवे…