Month: जून 2018

सोफा पर पसरल मुख्यमंत्री – बतंगड़ – 91

ई देश तरह-तरह के मुख्यमंत्री देख चुकल बा. बाकिर दिल्ली के मुख्यमंत्री के जोड़ खोजल मुश्किल बा. बिहार के लबार मुख्यमंत्री रहल चाराचोर रुपिया जतना कमइले होखसु बाकिर ओकरो इज्जत…

केहू बुझलें पियाज, केहुआइन बुझली अदरख – बतंगड़ – 90

समय अइसन खराब हो गइल बा कि बाबा दादा का जमाना से चचल आवत कहाउतो कहे लिखे में डर लागत बा. चैनल का पैनल पर एकाध बेर कुछ गलतो कहि…

खुदकुशी करे वालन पर ममता जन करीं – बतंगड़ – 89

ममता बनर्जी देश के पीएम बने ला पूरा जोर शोर से लागल बाड़ी. अगर सीधे हाथ ना हो पाई त हाथ टेढ़ो करे उनुका आवेला. आ हाथ वालन के एकर…

अरबा सहिओ रहला पर कुनबा डूबे के डर बा – बतंगड़ – 88

लोकतंत्र में लोक के चलेला बाकिर लोक के घोड़ा चलावेला तरह तरह के घुड़सवार मौजूद बाड़ें अपना देश में. केहू का लगे खानदान के नाम बा त केहू जाति आ…

नीक-जबून-14

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल दहेज के बाइ-बाइ बिहार के एगो समाचार काफी चर्चित भइल. अब बिहार में सरकारी नौकरी खातिर चुनल गइल जुवकन के दहेज लिहला पर नौकरी से…

नीक-जबून-13

– डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल बाबूजी के याद कइल अंधविश्वास हटे ? ओइसे त हर साल पितृपक्ष पर अपना तथाकथित विद्वान मित्र लोगन के टिप्पणी कहीं ना कहीं पढ़त रहींले…

भोजपुरी जिंदाबाद रहल, भोजपुरी जिंदाबाद रही

“हँसी, ठिठोली, बोली आ बेवहार गजब बा, भोली सूरत, रहन-सहन, तेवहार गजब बा” भोजपुरी के मूर्धन्य कवि अउऱ गायक संगीत सुभाष जी के एह पंक्तियन का साथे कार्यक्रम के समहुत…