पहिला बेर देश के कवनो गोल हिन्दुवन का खिलाफ खुला लड़ाई के एलान क दिहलसि आ ई गोल ना त मुस्लिम लीग ह, ना ओवैसी के मजलिस. ई गोल ह अपना के जनेऊधारी बरहमन होखे के दावा करे वाला के गोल कांग्रेस. लोकसभा में कांग्रेस के नेता खडगे के कहनापूरा पढ़ीं…

Advertisements

बबुअवो कमाल के आदमी हवे. जबे लागेला कि अब ई सयान होखे लागल बा तबहिऐं कुछ ना कुछ अइसन बोल देला कि लोग माथा ठोक लेला कि हे भगवान, ई कहिया सयान होखी. आ जब लोग के ई हालत बा त ओकरा महतारी के पीड़ा सहजे समुझल जा सकेला. बेचारीपूरा पढ़ीं…

के जानत रहुवे कि बतंगड़ के 100वां कड़ी बाजपेयी जी के मातम मनावे का काम आई. अटल जी के लोग बेपनाह प्यार कइल, सम्मान कइल बाकिर बहुते कम लोग रहल जे उनुका के सही में समुझ सकल. हिन्दूवादियन खातिर ऊ सेकूलर रहलन आ सेकूलर जमात खातिर कम्यूनल. राहुल के कईपूरा पढ़ीं…

लोकरंजन आ सांस्कृतिक गीत-गवनई के बढ़ावा देबे खातिर पाती कला मंच आ भोजपुरी दिशाबोध के पत्रिका पाती का ओर से नयी दिल्ली के दीनदयाल मार्ग, आईटीओ, पर स्थित राजेन्द्र भवन ऑडिटोरियम में शनिचर 15 सितम्बर का दिने साँझ पाँच बजे से साढ़े आठ बजे ले एगो सांस्कृतिक आयोजन राखल गइलपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक ढेरे सनसनी बा. कवनो टीवी चैनल के भासा उधार ले लीं त ई कहल जा सकेला कि पूरा मुल्के में सनसनी बा. मुल्के काहे पूरा दुनिया में सनसनी बा. एगो टीवी चैनल एही मसला पर पूरा एक घंटा के रपट परोस दिहलसि कि – प्रियंका चोपड़ा अपनापूरा पढ़ीं…

– ऋचा चलऽ, फेरु सपनन के फेंड़ लगाईं जा ! मउरल-दनात अमराई से अलगा सड़की का गुलमुहरन का नीचे लुकवा दीं जा कूल्हि पुरान योजना हरियर सुतरी अस लटकत सहजन का झोंप में बान्हि आईं जा आपन चाह-चिन्ता जवन होई, तवन होई आवऽ रेंगनी का काँटन से लथरल जथारथ मेंपूरा पढ़ीं…

– आनन्द संधिदूत जब आँगन का बीच में डँड़वार आ खेत का बीच में सड़क निकललि त खेत क बगड़ी आँगन का गउरइया किहें आके कहलसि कि लऽ ए बहिनी तोहके त आराम हो गइल एक बखरी से दू बखरी हो गइल दूनो ओर दाना-दूनी, जूठ-कांठ गिरी आ तोहार बालपूरा पढ़ीं…

आनन्द संधिदूत एही दीयर में बा हमरो खेत क एगो छोट-मोट टुकड़ा जवन हम देखले नइखीं। ओही खेत क गोजई-रहिला जब हमरा आँगन में गिरे त हमार माई ओइसहीं खुस हो जाय जइसे कवनो लइका खेलवना पाके अगरा जाला ऊ कुछ झारे कुछ झूरे कुछ कूटे कुछ पीसे कुछ अँगऊपूरा पढ़ीं…

पप्पू बनि के जीयल आसान ना होखे. ओकरा खातिर बहुते तेज दिमाग राखे के होला. अइसन अइसन बाति सोचे-कहे के पड़ेला जे दोसर केहू सपनो में ना सोच सके. बाकिर पप्पू के दुर्भाग्य कि ऊ इटालियन महतारी का पेट से बाकिर हिन्दुस्तान में जनमल. ओह घरी के कहो ओकरा कईपूरा पढ़ीं…

लरिकाईं में एगो कहानी सुनले रहीं कि बहेलियन का जाल में फँसे वाला चिरईयन के दशा देख दुखी भइल एगो संत चिरईयन के रटा दिहलें कि – शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, लोभ से उसमें फँसना नहीं. चिरई दिन दिन भर एह बात के माला जपल करऽ सँ आ दाना चुगतपूरा पढ़ीं…

दिल्ली के संसद मार्ग पर होई भोजपुरिया जुटान भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर पूर्वांचल एकता मंच, भोजपुरी जन जागरण अभियान, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, अखिल भारतीय भोजपुरी लेखक संघ आ रंगश्री के संयुक्त तत्वावधान में 7अगस्त, 2018 दिन मंगलवार के विशाल धरना प्रदर्शनपूरा पढ़ीं…