पूर्वांचल एकता मंच,नई दिल्ली के आयोजन में भइळ 10वां विश्व भोजपुरी सम्मेलन (विभोस) में चर्चित कवि आ साहित्यकार गंगा प्रसाद अरुण के हस्तलिखित (हाथ से लिखल फांट में) भोजपुरी गजल संग्रह “गजल गवाह बनी” के लोकार्पण मुख्यअतिथि आ लोकसभा अध्यक्ष रहल मीरा कुमार के हाथ से भइल. सम्मेलन दादादेव मेलापूरा पढ़ीं…

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भोजपुरी रंगमंच खातिर समर्पित नाट्य संस्था रंगश्री (स्थापित सन् 1978) आपन 5वाँ पाँच दिन चले वाला भोजपुरी नाट्य उत्सव के आयोजन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आ स्टील अथारिटी आफ इण्डीया अउर मैथिली भोजपुरी अकादमी के विशेष सहयोग से फिनु दिल्ली में दिनांक 26 मार्च से 30 मार्चपूरा पढ़ीं…

जब तक मान्यता ना मिल जाई लड़ाई जारी रही – भोजपुरी जन जागरण अभियान भोजपुरिया जन मानस के दिल मे घर कर रहल बा भोजपुरी भाषा आंदोलन गीत भोजपुरी भाषा आजु बहुत समृद्धशाली भाषा बिया. एकर पटल बहुते व्यापक बा. बाकिर दुर्भाग्य के बात बा कि अबही ले भोजपुरी भाषापूरा पढ़ीं…

पिछला दिने नेपाल भोजपुरी समाज, वीरगंज के फगुआ मिलन समारोह “रंगन के त्योहार” मनावल गइल. नेपाल भोजपुरी समाज के अध्यक्ष रामदेव प्रसाद श्रीवास्तव के अध्यक्षता में कुम्हालटोल वार्ड न. 5 में भइल एह कार्यक्रम में विशिष्ट अथिति रहलें हिंदी साहित्य परिषद् के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिकरिया, आ साहित्यकार-लेखक दिनेश गुप्ता.पूरा पढ़ीं…

24 फरवरी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स मुलर मार्ग, नई दिल्ली में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय कार्यकारणी के बइठक आ अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विचार गोष्ठी भइल. हिन्दी में भेजल एह बइठक के रपट के भोजपुरी अनुवाद नीचे दीहल जा रहल बा. भोजपुरी के संस्थन के अतना फुरसत नापूरा पढ़ीं…

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भोजपुरी जन जागरण अभियान के बैनर तरे अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के दिना 21 फरवरी 2018 के दिल्ली के संसद मार्ग पर भोजपुरी भाषा के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर विशाल शांति पूर्ण धरना के आयोजन कइल गइल. भलहीं भोजपुरियन के ई शांतिपूर्ण धरना रहे बाकिर ई धरनापूरा पढ़ीं…

– शिलीमुख जेकरा पर बा तोहके नाज ओकरे से बा बिगरत काज ! अँइचा के ऊजर ना लउके आन्हर के सूघर ना लउके सब बाउर, नीमन कुछ नाहीं ओकरा के बस गद्दी चाहीं जाति-बरग में भेद बढ़ा के सुबिधा-शक्ति-अफीम चटा के जतना चाही लूटी खाई खुरचुन के परसाद खियाई। पुहुतपूरा पढ़ीं…

जन्म: 01 जुलाई 1936, बलिया जिला के बलिहार गाँव में। श्रीमती बबुना देवी आ श्री घनश्याम मिश्र क एकलौता पुत्र । शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा गाँव में, माध्यमिक गोरखपुर में आ उच्च शिक्षा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में । ‘‘नवजागरण के सन्दर्भ में हिन्दी पत्रकारिता का अनुशीलन’’ विषय पर शोध आपूरा पढ़ीं…

– प्रमोद कुमार तिवारी भोजपुरिया माटी में कुछ त अइसन बा, जवना से एह इलाका के साहित्यकारन में ललित भाव के रस छलके लागेला, कुछ तऽ अइसन बा कि जे भी आपन बचपन भोजपुरिया इलाका में बितवले बा, ऊ पूरा जिनगी भोजपुरी लोक के रस में भींजत रहेला। एह माटीपूरा पढ़ीं…

– कृष्ण कुमार चंपारन सत्याग्रह से जुड़ल कई गो कहानी अइसनो बाड़ी सन, जवन साइत इतिहास के पन्ना में जल्दी ना मिलें स बाकिर ओह कहानियन के, ओह इलाका क लोग पीढ़ियन से सुनत आ रहल बाड़े। लोग बतावेला कि चंपारन का तत्कालीन मरमभेदी सच्चाइयन के सुन-देखि आ जान केपूरा पढ़ीं…

लमहर समय से नीमन नीमन बाल साहित्य रचत आवत भोजपुरी हिन्दी के अनन्य  साधक भगवती प्रसाद द्विवेदी जी के आजु उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का तरफ से दू लाख रुपिया नगद पुरस्कार का साथे बाल साहित्य भारती सम्मान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाथ से सम्मानित कइल गइल ह. अँजोरिया केपूरा पढ़ीं…