– पाण्डेय हरिराम

hariram-pandeyनियंत्रण रेखा पार कर के पाकिस्तानी सेना के घुसला के आ दू गो भारतीय सैनिकन के मार डाले आ एगो के मूड़ी काट ले जाए के घटना पर पिछला 14 जनवरी के सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह प्रेस क सोझा जइसन जोशीला भाषण दिहलन, ओकरा के देखत मन में एगो सवाल उठल कि साल एगारहो में त अइसने घटना भइल रहे बाकि ओह समय ना त सरकार ना विपक्षे में अतना जोश-ओ-खरोश लउकल रहल. एह बेरि अइसन का हो गइल?

तब एह बात के बहुते दबा के राखल गइल रहल, आ घटना ले के जनता में कवनो बड़हन खीसि ना रहे आ ना ही दुनु देश के बतियावल बन्द भइल रहल. पिछला 8 जनवरी के कुछ पाकिस्तानी फौजी नियंत्रण रेखा पार कर के घुस अइलें आ दू गो भारतीय सैनिकन के घेर के मार डलले आ एगो के मूड़ी काट ले गइले. एह खबर के जम के प्रचारित कइल गइल. टी वी चैनलन पर मुबाहसा भइल आ सेनाध्यक्षो लोग जोशीला भाषण दिहल. जनता में रोष भड़कावे के सगरी कोशिश भइल. भाजपा संग कुछ अउरिओ विरोधी दल अपना फायदा ला बाकायदा आंदोलन कइले आ जन-भावना भड़कावे क प्रयास कइले.

सवाल उठऽता कि 2011 आ 2013 के एह घटनन में का फरक बा? एगो फरक त साफे लउकत बा कि तब चुनाव दूर रहल आ अबकी 2013 में बहुते नजदीक बा. राजनीतिक गोलन के मानना बा कि जनता में भावुकता पसार के वोट बटोरल जा सकेला. सबसे पहिले भाजपा नारा लगावल शुरू कइलसि. ओकर माँग, सबसे लोकप्रिय माँग, रहल कि पाकिस्तान के कड़ेर जवाब दिहल जाव, एहमें इहो शामिल रहे कि ओकरा से बतियावल बन्द कर दिहल जाव. बहुते रिटायर्ड फौजी आ सिविल अफसरो टी वी चैनलन के पसारल उत्तेजना में शामिल हो गइलें. जे ना शामिल भइल ओकरा के मजाकिया नजर से देखल जाए लागल. एकर सबले बड़हन असर मनमोहन सिंह पर पड़ल. ऊ सेना दिवस के एगो कार्यक्रम में गइले त ओहिजा पाकिस्तान का खिलाफ बहुते कड़ुआ शब्दन के इस्तेमाल कइले जबकि ऊ पाकिस्तान से दोस्ती के हिमायती हउवन. कुछ पत्रकारन से बतियावत ऊ कहलन कि जे लोग दोषी बा ओकरा के दंडित कइल जाई आ अब पाकिस्तान से पहिले जस रिश्ता ना रह जाई. सरकार पाकिस्तानी हुकूमत के इहो बतावे के मन बनावत बिया कि वरिष्ठ नागरिकन के विजा रोकल जाई, हॉकी टीम के दौरा रद्द कइल जाई आ महिला क्रिकेट टीम के खेले के अनुमति ना दिहल जाई. ई सरकार के नयका रुख के पहचान बा. साथ ही सरकार एह मसले पर बतियावे ला भाजपो के बोलावे के फैसला लिहले बिया. सरकार के ई रुख बहुते अवसरवादी लागत बा. सरकार के ई रुख एहीसे बा कि कहीं एह आक्रोश के फायदा भाजपा मत भँजा लेव. सरकार के ई हथकंडा तबले चलत रही जब ले जनता के आक्रोश खतम नइखे हो जात. जइसहीं खीसि शान्त हो जाई सब कुछ पहिले जस हो जाई. बाकिर एह मौकापरस्त हालात के बदलल अधिका जरूरी बा जेहसे कि आगे चल के अइसन मत होखे आ एकरा ला जरूरी बा कि सरकार विपक्ष से राय विचार का बाद खुफिया-भेदिया कारोबार फेर से मजबूत करे आ पाकिस्तान के अंदरूनी गतिविधियन के जानकारी राखे. काहे कि ओहिजा जवन होखत बा तवन भारत ला शुभ नइखे.

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री अशरफ़ के गिरफ़्तार करे के मंगल का दिने आइल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का बाद पाकिस्तान एगो बड़हन भूंईडोल का ओर मुड़ गइल बा. ओने लाखों लोग के भीड़ लेके इस्लामाबाद में धरना पर बइठल ताहिर अल कादरी साहब संसद आ इलेक्शन कमिशनो के बर्खास्त करवावे पर अड़ल बाड़ें. एह फैसला का बाद पाकिस्तान के राजनैतिक गलियारा आ मीडिया में ई चरचा जोर धइले बा कि सुप्रीमो कोर्ट सेना के साथ एह लोकतांत्रिक सरकार के बर्खास्त करे के योजना में शामिल बावे. अगिला दू दिन में सुप्रीम कोर्ट आ हाई कोर्ट दू गो बड़हन मामिलन में राष्ट्रपति आ प्रधानमंत्री के दोषी करार दे सकेला. एहमें से एगो मामिला आसिफ अली जरदारी के एके साथ दू गो पद, राष्ट्रपति आ पार्टी अध्यक्ष, पर बनल रहे के बा. गँवे गँवे पाकिस्तान फेरु फौजी हुकूमत का राहे बढ़त लउकत बा. भारत खातिर पाकिस्तान सेना के सत्ता में वापसी के गंभीर परिणाम होखी. सीमा पर के हालिया तनावो पाक सेना के एही चाल के हिस्सा बतावल जात बा जवना में मीडिया के भोकाल बनवला पर भारतो सरकार फंसत नजर आवत बिया. भारत ला सबले मुफीद नवाज शरीफ आ जरदारिए रहीहें.
(19/1/2013)


पाण्डेय हरिराम जी कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला लोकप्रिय हिन्दी अखबार “सन्मार्ग” के संपादक हईं आ उहाँ का अपना ब्लॉग पर हिन्दी में लिखल करेनी.

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