भारत के समाचार पत्र निबंधक के कार्यालय से मिलल जानकारी का हिसाब से देश में भोजपुरी के तैंतीस गो प्रकाशन पंजीकृत बाड़ी सँ. भोजपुरी प्रकाशन के एगो सामूहिक मंच दिलावे खातिर सोचत बानी कि एह सगरी पत्र पत्रिका के प्रकाशक, संपादक आ कार्यालय का बारे में जानकारी मिल जाव.

भोजपुरी में चार गो दैनिक पत्रिका पंजीकृत बाड़ी स. एहमें आरा से प्रभात कुमार सिंह का नाम से भिनसहरा, जौनपुर से प्रतीक सिंह के नाम से महुआ खबर, जौनेपुर से राजकुमार सिंह का नाम से महुआ न्यूज आ गोरखपुर से संतोष कुमार सहनी का नाम से महुआ टाइम्स शामिल बा.

साप्ताहिक निकले वाला तीन गो पत्रिका में से पटना से निकले वाला भोजपुरी संवाद, गोरखपुर से रविन्द्र मोहन त्रिपाठी का नाम से भोरहरी आ प्रोग्रेसिव फेडरेशन का नाम से भोजपुरी वार्ता शामिल बाड़ी सँ.

पाक्षिक पत्रिकन में चार गो के नाम मिलल बा. आरा से रमाशंकर पाण्डेय के टटका राह, दिल्ली से अरिंदम चौधरी का नाम से द संडे इंडियन. पूर्वी सिंहभूमि से अनिल कुमार पाठक का नाम से बिपना आ बलिया से कमलाकांत श्रीवास्तव का नाम से भोजपुरी विकास चेतना. एहमें द संडे इंडियन नियमित रूप से निकलत बा आ ओकर जानकारी बा. बलिया से कमलाकान्त जी के निधन का बाद से भोजपुरी विकास चेतना के प्रकाशन रूक गइल बा.

मासिक भोजपुरी पत्रिकन में इलाहाबाद के भोजपुरी संसद का नाम से हमारा बोल, हरिद्वार से प्रमोद कुमार का नाम से बिहाने बिहाने खबर, पटना से निशिकांत मिश्रा का नाम से बतिया निकल बा, पटने से हवलदार त्रिपाठी का नाम से भोजपुरी अकादमी पत्रिका, भोजपुर से अनिल रिझवार का नाम से भोजपुरी चबूतरा. जमशेदपुर से जयन्त कुमार का नाम से जाग भोजपुरिया, समस्तीपुर से पूनम जोशी के नाम से हमार इंडिया, बनारस से राधा मोहन राधेश का नाम से भोजपुरी जनपद. बनारसे से स्वामीनाथ सिंह का नाम से भोजपुरी कहानियाँ, आ कोलकाता से पश्चिमबंग भोजपुरी परिषद के नाम से भोजपुरी माटी के नाम शामिल बा.

त्रैमासिक भोजपुरी पत्रिकन में पटना से पी एन सहाय का नाम से अँजोर, पटने से लाल बाबू तिवारी का नाम से भोजपुरी विश्व आ विनोद कुमार देव का नाम से महाभोजपुर, गोपालगंज से कमल का नाम से लालमाटी, दिल्ली से रंजू कुमारी का नाम से भोजपुरी जिन्दगी, साहेबगंज झारखंड से रामजनम मिश्र का नाम से माई, ओडिशा का जगतसिंहपुर से विजय कुमार महापात्र का नाम से दुलारी बहिन, लखनऊ से आशा श्रीवास्तव का नाम से भोजपुरी संसार, देवरिया से डा॰ जनार्दन सिंह का नाम से भोजपुरिया अमन, बलिया से आशीष त्रिवेदी का नाम से बिदेसिया आ बलिये से डा॰ अशोक कुमार द्विवेदी का नाम से पाती शामिल बा. एह पत्रिकन में से पाती, भोजपुरी जिन्दगी आ भोजपुरिया अमन अँजोरिया के पाठकन ले चहुँपावत रहल जाला आ भोजपुरी संसार के प्रकाशन का बारे में जानकारी मिलत रहेला. बाकिर बाकी का बारे में कवनो जानकारी नइखे.

अर्द्धवार्षिक पत्रिका में दिल्ली से विश्व भोजपुरी रंगमंच के प्रकाशन विभोर के नाम अकेला बा.

जइसन कि बतवनी अधिकतर पत्रिकन का बारे में भोजपुरी के बड़हन समाज का लगे कवनो जानकारी नइखे. हम चाहब कि रउरा अपना अगल बगल का लोग से जानकारी ले के एह पत्र पत्रिकन का बारे में जानकारी अँजोरिया के मार्फत दुनिया भर के भोजपुरिया लोग तक चहुँपाई. एकरा अलावे दोसरो देश में कुछ पत्र पत्रिका भोजपुरी में निकलत हो सकेला. अँजोरिया के पाठक पूरा दुनिया में बाड़े. एहसे दोसरा देश में रहेवाला पाठकन से निहोरा बा कि अपना देश में प्रकाशित होखे वाला कवनो भोजपुरी प्रकाशन के खबर होखे त जरूर भेजीं.

दोसरे इहो महसूस करीलें कि बहुते भोजपुरी वेबसाइटन का बारे में हमरा लगे जानकारी नइखे. कुछ के लिंक अंजोरिया पर दिहल बा बाकिर ओहमें से बहुते के लिंक बदल चुकल बा. रउरा सभे से निहोरा बा कि जतना भोजपुरी वेबसाइटन का बारे में जानकारी होखे अँजोरिया के जरूर भेजीं जेहसे कि ओह वेबसाइटन के लिंक अँजोरिया पर दिहल जा सके. वेबसाइट के प्रकाशको लोग से निहोरा बा कि अपना बारे में लिक प्रकाशित करे के अनुमति दिहल जाव. बदला में हमरा अँजोरिया के लिंक ना चाहीं. हमार मकसद बस अतने बा कि अँजोरिया पर आवे वाला पाठकन के दोसरो वेबसाइटन का बारे में जानकारी मिलल करो. सगरी लिंक ओह वेबसाइटन के प्रकाशक के दिहल जानकारी का साथही प्रकाशित कइल जाई. दोसरे अगर कवनो वेबसाइट के प्रकाशक के आपन लिंक अँजोरिया पर से हटवावे के होखो उहो लोग बता दी त लिक तुरते हटा दिहल जाई.

रउरा सभे के,
संपादक, अँजोरिया