राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुखपत्र पाञ्चजन्य के २२ अप्रेल वाला अंक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत के अगिला प्रधानमंत्री खातिर सामने कइल गइल बा. पाञ्चजन्य का संपादकीय में लिखल गइल बा कि आखिर कतना हाली अगिन परीक्षा दीहें नरेन्द्र मोदी?

मुद्दा के विस्तार में जात संपादकीय में कहल गइल बा कि सुप्रीम कोर्ट के बनावल विशेष जाँच दल अपना साढ़े पाँच हजार के क्लोजर रिपोर्ट में कहले बा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी, ओह घरी के पुलिस महानिदेशक आ अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त समेत ६२ लोगन का खिलाफ कवनो सुबूत नइखे मिलल कि ऊ लोग गुलबर्ग सोसाइटी वाला घटना में कवनो तरह शामिल रहुवे. पाञ्चजन्य लिखत बा कि पिछला दस साल से बेर बेर एके झूठ दोहरावत नरेन्द्र मोदी के छवि एगो राक्षस जस बनावे के कोशिश होत आइल बा. तिस्ता सीतलवाड जइसन लोग मोदी का खिलाफ लगावल झूठ आरोप के सच बनावे खातिर गवाह खरीदे के कोशिश कइल आ फर्जी गवाह खड़ा कइल. अब जब सीबीआई के निदेशक रहल आर के राघवन का अध्यक्षता में बनल विशेष जाँच दल आपन क्लोजर रिपोर्ट लगा दिहले बावे तब त मोदी का खिलाफ एह तरह के कुप्रचार बन्द कइल जाव.

अखबार मोदी के प्रशंसा करत लिखले बा कि एह दौरान नरेन्द्र मोदी एह सब आरोपन के महटियावत अपना काम में लागल रहले आ गुजरात में सुशासन, विकास आ सामाजिक सद्भाव बनावे के राजधर्म में लागल रहले. परिणाम ई भइल कि मोदी विरोधी लोग अलगा थलगा पड़ गइल बा आ ओह लोग पर से जनता के भरोसा उठ गइल बा आ लोग एह हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी आ कुशल प्रशासक राजनेता का साथे खड़ा हो गइल बा. देवबंद के वस्तानवी प्रकरण देखवले रहुवे कि गुजरात में मुसलमानन का साथ कवनो तरह के भेदभाव नइखे होखत आ एह बात के प्रशंसा करत वस्तानवी अपना कुलपति पदो दाँव पर लगा दिहलें आ आखिरकार उनुका एकर नुकसान उठावे पड़ल.

पाञ्चजन्य संपादकीय आगे लिखत बा कि मोदी के लोकप्रियता त लंदन के पत्रिका इकोनामिस्ट होत अमेरिको का माथ पर चढ़ के बोले लागल बा. ओह अमेरिका के जे मानवाधिकारन के हनन के हवाला देत नरेन्द्र मोदी के अमेरिका के वीजा देबे से इंकार कर दिहलसि जबकि मोदी वीजा मँगलहु ना रहलन. आजु ओही अमेरिका के मशहूर पत्रिका “टाइम्स” आ अमेरिका के संसद से जुइल एगो शोध संस्थान मोदी के प्रशंसा कइले बा. “टाइम्स” पत्रिका मोदी के राजकाज पर कवर स्टोरी छपलसि आ उनुका के भारत के भावी प्रधानमंत्री बतवलसि. कहलसि कि मोदी राहुल का मुकाबले बहुते भारी पड़ीहें आ उनुका सोझा कांग्रेसी नेतृत्व के बौना बतवले बा.

अपना एह संपादकीय का उपर सरदार वल्लभ भाई पटेल के उक्ति उद्धृत कइले बा पाञ्चजन्य कि “पँवड़ही वाला डूबेलें. किनारे खाड़ लोग कबो ना डूबे अलग बात कि ऊ लोग कबो पँवड़िलो ना सीख पावे.”


(स्रोत : पाञ्चजन्य वैशाख शुक्ल १, २०६९ विक्रमी अंक)