कहाँ त सुनले रहीं कि डाइनो एकाध घर छोड़ देले आ एहिजा देखत बानी कि महतारी बेटा मिल के अपना पार्टिए के लूट लिहलन. मशहूर चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट एस गुरुमुर्ती न्यूइंडियन एक्सप्रेस पर प्रकाशित एगो लेख में सिलसिलेवार बतवले बाड़न कि कवना तरह एह लूट के अंजाम दिहल गइल. चूंकि लेख में दिहल जानकारी बहुते महत्वपूर्ण बा आ हर हिन्दुस्तानी के एह बारे में जाने के चाहीं एह से ओह लेख के जानकारी एहिजा दिहल जात बा. पूरा लेख रउरा न्यूइंडियनएक्सप्रेस पर पढ़ सकीलें.

आजादी का लड़ाई का दौरान कांग्रेस के आवाज बुलन्द करे वाला नेशनल हेराल्ड समय का फेर में अपना माली दिक्कत का चलते साल २००८ में बंद कर देबे पड़ल. एकर मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का लगे रहल जवना के लगे करीब २००० करोड़ रुपिया के जमीन दिल्ली, लखनऊ आ मुंबई में मौजूद रहल.

महतारी बेटा के नजर एह पर पड़ल आ पता लागल कि कर्मचारियन के बकाया दिहला बिना कंपनी के बंद ना कइल जा सके. से कांग्रेस पार्टी का तरफ से एसोसिएटेड जर्नल्स के नब्बे करोड़ रुपिया के करजा दिहल गइल जवना से कर्मचारियन के बकाया चुकावल गइल आ कंपनी खुशी खुशी बंद कर दिहल गइल.

कंपनी के करीब एक हजार शेयर धारक एह कंपनी में आपन पूंजी लगवले रहलें आ सही तरीका रहे कि कंपनी के करजा चुकवला का बाद जमीन बेच के सगरी पइसा शेयरधारकन में बाँट दिहल जाइत, कांग्रेसो के नुकसान ना भइल रहीत आ शेयरधारकनो के पूंजी वापिस मिल गइल रहीत मुनाफा का साथ.

बाकिर जब कंपनी के जमीन पर टेढ़ नजर गड़ गइल रहे त ओकरा के दोसरा का हाथे कइसे जाए दिहल जाइत.

से नवम्बर २०१० में एगो ट्रस्ट बनावल गइल जवना के जमा पूंजी मात्र पाँच लाख रुपिया रहे. एहमें से ७६ फीसदी पूंजी महतारी बेटा के रहल आ बाकी २४ फीसदी दू गो लगुआ भगुआ के.

दिसम्बर २०१० मे कांग्रेस पार्टी एसोसिएटेड जर्नल्स के दिहल नब्बे करोड़ के करजा वसूल ना हो पावे लायक बतावत पचास लाख रुपिया ले के यंग इंडियन ट्रस्ट के बेच दिहलसि आ बाकी करजा बट्टे खाता डाल दिहल गइल.

फरवरी २०११ में एसोसिएटेड जर्नल्स नब्बे करोड़ के करजा का बदले यंग इंडियन के आपन शेयर दे दिहलसि. एह तरह एके झटका में महतारी बेटा कंपनी के ९९ फीसदी हिस्सा के मालिक बन गइल लोग.

मजे क बात ई सगरी लूट कांग्रेसो से छिपा लिहल गइल. कांग्रेस कार्यसमिति के एह लेनदेन का बारे में कुछ ना बतावल गइल.

जब डा॰ सुब्रह्मण्यम स्वामी एह बारे में जानकारी जगजाहिर कर दिहलन त एक दिन बाद रोआइन मुँह बनावत कांग्रेस प्रवक्ता के बयान आइल कि कांग्रेस के राजनीतिक आ नैतिक जिम्मेदारी बनत रहे कि नेशनल हेराल्ड के बचावल जाव जवन आजादी का लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिहले रहल. बाकिर ऊ एह बात के छिपा ले गइलें कि यंग इंडियन के कवनो मकसद अखबार के फेर से जियावे के कबो ना रहल. काग्रेस से करजा त कंपनी के बंद करे खातिर दिहल गइल.

पूरा लेख पढ़ला बिना एह बारे में बढ़िया से ना जानल जा सके. हम त बस खास खास जानकारी भोजपुरी में दिहले बानी.